बजट को लेकर कुछ रहे आशान्वित, कुछ में दिखी निराशा

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वर्ष 2016-17 के आम बजट से ग्रहणियों, किसानो व युवकों को निराशा हुयी है। सबसे ज्यादा वे हैरान हैं, जिन्होने बैंको मे जनधन खाते खोल रखें है और उम्मीद लगाये थे कि उनके खातों मे भारत सरकार कुछ न कुछ नकदी आवंटित करेगी,लेकिन ऐसा नही हुआ। पेशे से शिक्षिका मंजू लता कहती है कि मोदी सरकार के बजट से ग्रहणियों को बडी उम्मीद थी दालें, मशाले, गैस व अन्य घरेलू उपयोग की वस्तुयें सस्ती होंगी, लेकिन टैक्स के कारण यह सब मँहगा ही होगा।

किसानो ने बजट पर मिली जुली प्रतिक्रिया की है प्रगतिशील किसान अनन्त कुमार का मानना है कि किसानों को कर्ज माफी का इन्तजार था। लेकिन सरकार ने इस तरफ देखा ही नहीं, जबकि खेती से ही जीविका चला रहे आनन्द मिश्र कहते हैं कि मोदी सरकार ने किसानो के हित मे जो कदम उठाये हैं उनका दूरगामी असर पडेगा। किसानी से ही जुडे भोलू भाई बताते हैं कि सरकार ने फसल बीमा 5500 करोड से बढाकर 13 हजार करोड किया गया है जो किसानो के लिए ही है। शिक्षक नेता लल्लन मिश्र कहतें है कि इस बजट से आने वाले समय में लाभ मिलेगा। युवा राजेश शुक्ला का कहना है कि ये बजट पूरी तरह से निराशापूर्ण है। मोदी सरकार के बजट से युवा भी खास प्रभावित नही हुये, सरकार ने कौशल विकास कार्यक्रम के लिए बजट तो दिया लेकिन नौकरियों का कोई खाका नही खीचा गया। मनरेगा का बजट 48000 करोड करके सरकार ने मजदूर वर्ग को जरूर राहत दी है।

ग्रामीण विकास कार्यक्रम के लिए सरकार ने हर वर्ष तीन लाख करोड का प्रावधान किया है, जिसकी वजह से गॉवो का कायाकल्प होने की उम्मीद जगी है। खीरों संवाद के अनुसार केन्द्र सरकार द्वारा पेश किए गए 2017 के आम बजट के बाद क्षेत्र में बजट को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। होटलों , पान की दुकानों , खेत के किसान , व्यापारी और मजदूर से लेकर घर के अन्दर रसोई में काम करने वाली गृहिणी भी इस आम बजट को लेकर आपसी चर्चा में मसगूल दिखी। लोग आम बजट को लेकर मिली जुली प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे हैं । सरकारी कर्मचारी आयकर की छूट में यह उम्मीद लगाए बैठे थे कि 10 लाख तक के आय पर सरकार में छूट दे सकती है । लेकिन आयकर में छूट का प्रतिशत घटाने के कारण भी सभी संतोष व्यक्त करते दिखे । व्यापारी वर्ग भी आम बजट को लेकर संतुष्ट दिखा । किसान ने भी बजट को किसानों का हितैषी बताया है । घरेलू कामकाजी महिलाएं महगाई को लेकर चिंतित दिखी लेकिन सरकार द्वारा जारी की गई उज्ज्वला योजना के तहत दी जा रही एल पी जी गैस और अनेक सुविधाओं को लेकर संतुष्ट दिखी । इस तरह आम बजट का आम जन मानस में मिली जुली प्रतिक्रियाओं के साथ स्वागत किया गया है । विकास क्षेत्र खीरों के कस्बा की निवासिनी ममता यादव ने बताया कि सरकार का बजट लोगों को काफी हद तक संतुष्ट करने वाला है । लेकिन महगाई को लेकर सरकार को अधिक प्रयास करना चाहिए । शास्त्री नगर निवासिनी बाबूदेई ने बताया कि आम बजट में सरकार ने छात्राओं और महिलाओं का ध्यान रखा है । इससे समाज के हर वर्ग को फायदा मिलेगा । मजदूरी करने वाली महिला मालती देवी निवासिनी पुराना खीरों ने बताया कि इस तरह का बजट पहली बार प्रस्तुत किया गया है । बजट जनहित में है । कस्बा खीरों निवासी किसान छीटू प्रसाद ने बताया कि सरकार ने बजट में किसानों के लिए काफी ध्यान दिया है । किसानों का हितकर बजट साबित होगा । लेकिन सारी सुविधाएं ईमानदारी से किसानों तक पहुंचे । क्योंकि भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही योजनाओं के कारण के कारण योजनाओं का लाभ पात्रों को नहीं मिला पाता है । खीरों के ही मजदूर बिंदा प्रसाद ने बताया कि बजट तो अच्छा है । किसान और मजदूर का ध्यान रखकर जो बातें शामिल की गई हैं । उन्हे ईमानदारी से लागू किया जाए तो इसका लाभ किसानों और मजदूरो को मिलेगा । सुरजीपुर निवासी व्यापारी अश्वनी कुमार ने बताया कि बजट से व्यापारी वर्ग को अधिक लाभ होता तो नहीं दिखाई देता । लेकिन व्यापारी वर्ग को इसका परोक्ष लाभ जरूर मिलेगा । इस तरह बजट से लगभग सभी वर्ग संतुष्ट तो दिखा लेकिन हर योजना को ईमानदारी से लागू किया जाएगा और इसका लाभ सीधे आम जन मानस को मिलेगा । भ्रष्टाचार के इस युग में इस बात को लेकर सभी लोग सशंकित हैं ।

रिपोर्ट – राजेश यादव

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