सड़क निर्माण में बजट का रोना

कुशीनगर(ब्यूरो)- कसया-सेवरही मार्ग के निर्माण कार्य में धन की कमी बाधक बन कर खड़ी हो गई है। 34 किमी लंबे इस मार्ग के उच्चीकरण और चौड़ीकरण के लिए लगभग 60 करोड़ रुपये स्वीकृत हुआ था। शासन ने सड़क निर्माण के लिए लगभग 12 करोड़ रुपये अवमुक्त किया तो कसया की ओर से छह किमी सड़क का निर्माण कराया गया है। तीन माह से निर्माण कार्य रुका है। इसके लिए कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग बजट अभाव का रोना रो रहा है। निर्माण कार्य कराने के लिए पूरी सड़क खोद दी गई है। जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। बरसात का पानी लगने से राहगीरों को भारी दुश्वारी झेलनी पड़ रही है।

वर्ष 2016 में तुर्कपट्टी सूर्य मंदिर दर्शन के लिए आए तत्कालीन लोक निर्माण मंत्री शिवपाल यादव ने मार्ग के चौड़ीकरण, उच्चीकरण व सुंदरीकरण की घोषणा की थी। कुछ ही दिनों में शासन से सड़क निर्माण स्वीकृत हो गया। प्रथम किश्त जारी हुआ तो युद्ध स्तर पर निर्माण कार्य भी शुरू हो गया। इसी बीच विधानसभा चुनाव की अधिसूचना आ गई और कार्य रुक गया। चुनाव बीते तीन माह हो गए। प्रदेश में नई सरकार भी बन गई, लेकिन स्वीकृत बजट की द्वितीय किश्त जारी नहीं हो पाई है। इससे सड़क निर्माण कार्य ठप पड़ा हुआ है। शेष मार्ग गड्ढों से पटे हैं। इस कारण आये दिन कोई न कोई राहगीर दुर्घटना का शिकार हो जाता है।

सत्ता संभालते ही योगी सरकार ने 15 जून तक प्रदेश की सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का ऐलान किया। ऐसा लगा कि यह सड़क भी जल्द बन कर तैयार हो जाएगी लेकिन लोगों के उम्मीदों पर पानी फिरता दिख रहा है। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता सुल्तान अहमद का कहना है कि शासन द्वारा जो धन अवमुक्त हुआ, उससे उतना कार्य कराया गया है। शेष बजट मिलते ही सड़क का निर्माण करा कर इसे पूर्ण किया जाएगा।

रिपोर्ट- राहुल पाण्डेय 

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