कश्मीरी युवाओं को डीजीपी ने दी सलाह कहा, गोली किसी को नहीं पहचानती है, घर में ही रहे कश्मीरी नागरिक

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क्रेडिट- इन्टरनेट

श्रीनगर- घाटी में आये दिन हो रहे आतकी हमलों और उनमें पाकिस्तान के उकसावे के बाद जिस तरह से कश्मीरी युवा भाग ले रहे है और सेना के जवानों के ऊपर पत्थर बरसा रहे है उससे अब सेना, सरकार सब परेशान हो चुके है | यह बात पहले सेना प्रमुख, बाद में पूर्व रक्षा मंत्री श्री मनोहर परिर्कर और अब जम्मू-कश्मीर के डीजीपी एसपी वेद ने कही है |

दरअसल आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजीपी एसपी वेद ने आज अपने बयान में कश्मीरी युवाओं को समझाते हुए कहा है कि तमाम कोशिशों के बावजूद भी हम मुठभेड़ के दौरान मारे जाने वाले नागरिकों की संख्या में हो रहे इजाफे को रोकने में नाकाम रहे है | उन्होंने कहा है कि युवाओं को उकसाया जा रहा है और उन्हें सेना के जवानों के ऊपर पत्थर फेंकने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, युवाओं को जबरन ऐसे स्थानों पर भेजा जा रहा है जहाँ पर सेना और आतंकियों के बीच मुठभेड़ चल रही होती है |

गोली किसी को नहीं पहचानती -डीजीपी
जम्मू कश्मीर के डीजीपी ने कश्मीरी युवाओं को सलाह देते हुए कहा है कि गोली कभी भी किसी को पहचानती नहीं है कि उसे किसे लगना है और किसे नहीं | इसीलिए मैं कश्मीरी युवाओं से दरख्वास्त करता हूँ कि वह कृपया अपने घरों में ही रहे और ऐसे स्थानों से दूर भी जहाँ पर आतंकी मुठभेड़ या फिर सेना द्वारा किसी भी अन्य प्रकार की कार्यवाही की जा रही हो | उन्होंने कहा कि नौजवानों को ऐसे स्थानों पर किसी भी हालत में नहीं जाना चाहिए और वे यदि इनकाउंटर वाली जगहों पर जाते है तो उसके जिम्मेदार वे स्वयं ही होंगे क्योंकि फिर वे यह मान ले कि वह आत्महत्या करने के लिए ही जा रहे है |

3 नागरिक मारे गए थे –
बता दें कि बीते दिन सुरक्षा बलों को श्रीनगर के बडगाम जिले के चादुरा सेक्टर में 2 आतंकियों के छिपे होने की खबर मिली थी जिसके बाद तत्काल कार्यवाही करते हुए सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया था लेकिन जैसे ही इस मामले की जानकारी कश्मीरी युवाओं को चली उन्होंने इनकाउंटर वाली जगह पर पहुँच कर आतंकियों को बचाने के लिए सेना के जवानों के ऊपर पत्थर बाज़ी शुरू कर दी थी |

इस पूरे ऑपरेशन के दौरान जहाँ एक तरफ जवान आतंकियों की तरफ से हो रही भीषण गोलीबारी का जवाब दे रहे थे वही उन्हें दूसरी तरफ इलाके के नागरिकों की तरफ से मारे जा रहे पत्थरों का भी सामना करना पड़ रहा था | इस पूरे प्रकरण में अंत में सेना को कार्यवाही करनी पड़ी थी जिसमें कुल 3 नागरिकों के मारे जाने की खबर प्राप्त हुई है |

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