लोकसेवा आयोग की भर्तियों में हुई धांधली की जांच सीबीआई द्वारा

0
100
प्रतीकात्मक(क्रेडिट- BBC)

लखनऊ(ब्यूरो)- उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग की भर्तियों में हुई धांधली की जांच प्रदेश सरकार सीबाईआई से कराएगी। प्रदेश सरकार जल्द कैबिनेट की बैठक बुलाकर सीबीआई जांच से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी देगी।

इसके बाद सिफारिश केन्द्र सरकार को भेज दी जाएगी। सरकार के भरोसेमंद सूत्रों ने रविवार को को यह जानकारी दी। इलाहाबाद में होगी बैठक:सूत्रों ने बताया कि आगामी प्रयाग अर्धकुंभ की तैयारियों को लेकर प्रदेश कैबिनेट की एक बैठक इलाहाबाद में प्रस्तावित है।

उसी बैठक में लोकसेवा आयोग की भर्तियों की सीबीआई जांच का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। सरकार का यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यूपी लोकसेवा आयोग का दफ्तर इलाहाबाद में है।

कई आरोप थे:लोकसेवा आयोग पूर्व अध्यक्ष डॉ. अनिल यादव के कार्यकाल में पीसीएस, पीसीएस जे और कृषि तकनीकी सहायकों सहित कई भर्तियों में एक जाति विशेष और खास गांव के लोगों का चयन किए जाने के आरोप लगे थे। इसको लेकर लोकसेवा आयोग कार्यालय पर अभ्यर्थियों ने कई दिन तक धरना-प्रदर्शन किया था

भाजपा का चुनावी मुद्दा:लोकसेवा आयोग की भर्तियों में धांधली और डॉ. अनिल यादव पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए भाजपा ने विधानसभा चुनाव के दौरान इसे चुनावी मुद्दा बनाया था।

मौर्य ने घेरा था:उस समय पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने सपा सरकार पर बेरोजगार युवाओं के करियर के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया था। मौर्य ने यह भी कहा था कि डॉ. यादव के मार्फत सपा सरकार ने एक जाति विशेष के लोगों की भर्तियां कराईं।

भाजपा के चुनावी संकल्प पत्र में वादा किया गया था कि उसकी सरकार बनने पर डॉ. अनिल यादव के कार्यकाल की भर्तियों की सीबीआई जांच होगी । प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद अभ्यर्थियों की मांग पर सीएम योगी ने लोकसेवा आयोग में पीसीएस व अन्य सेवाओं के परिणाम पर रोक लगा दी

रिपोर्ट-मिंटू शर्मा

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here