क्या वादे के मुताबिक़ 90 दिनों के भीतर रिक्त पदों पर भर्तियाँ शुरू कर पाएगी योगी सरकार ?

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लखनऊ ब्यूरो : 1: भ्रष्टाचार रोकने के लिए सरकार ग्रेड-3 व ग्रेड-4 की सरकारी नौकरियों में संवैधानिक आरक्षण व्यवस्था का सम्मान करते हुए बिना जाति व धर्म के पक्षपात के भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए इंटरव्यू को समाप्त करेगी। 2 सरकार बनने के 90 दिनों के भीतर प्रदेश के सभी रिक्त सरकारी पदों के लिए पारदर्शी तरीके से भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पिछली सरकार की भर्तियों में तमाम तरह की मुश्किलों से दो-चार हुए बेरोजगार सूबे की नई सरकार में नौकरियों की बहार का इंतजार कर रहे हैं पर, सरकार के काम की रफ्तार बता रही है कि वादे के मुताबिक 90 दिन में भर्तियां शुरू कर पाना आसान नहीं है |

भाजपा ने विधानसभा चुनाव के दौरान संकल्प-पत्र में वादा किया था कि वह सत्ता में आने के 90 दिनों के भीतर प्रदेश के सभी रिक्त पदों पर भर्ती शुरू कर देगी। योगी आदित्यनाथ सरकार ने रविवार को 70 दिन पूरे कर लिए। इस बीच विभिन्न विभागों के रिक्त पदों पर भर्ती शुरू करने के वादे को लेकर ठोस कदम नजर नहीं आया है। जानकार बताते हैं कि भर्तियां शुरू करने के पहले सरकार को दो अहम काम करने हैं। पहला, समूह ‘ग’ व ‘घ’ के पदों की भर्ती में इंटरव्यू की व्यवस्था समाप्त करने का फैसला करना। इसके बाद ही भर्तियां शुरू की जा सकती हैं |

यह नीतिगत निर्णय है और नियमावली में इसका प्रावधान करना होगा, लिहाजा इस पर निर्णय कैबिनेट से होगा। अभी तक इस संबंध में कोई ठोस कार्यवाही नजर नहीं आई है। इसके अलावा समूह ‘ग’ की भर्तियां अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएसी) कर रहा था। नई सरकार आने के बाद पिछले महीने आयोग के अध्यक्ष राजकिशोर यादव ने इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफा मंजूर हुए भी डेढ़ महीने से ज्यादा हो गए हैं लेकिन सरकार आयोग के नए अध्यक्ष को लेकर प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ा पाई है। आयोग की गतिविधियां ठप हैं। अध्यक्ष न होने की वजह से करीब 11 हजार से अधिक पदों के इंटरव्यू स्थगित हो गए हैं। निर्णय में देरी की वजह से सियासी गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि सरकार आयोग को भंग कर पहले की तरह भर्ती का अधिकार विभागों को दे सकती है। अनिर्णय की वजह से अभ्यर्थियों से लेकर विभागों तक में असमंजस का माहौल है। इसी तरह उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग में असिस्टेंट प्रोफेसर के करीब 1600 पदों की भर्ती प्रक्रिया ठप हो गई है। राज्य लोक सेवा आयोग और माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की भर्ती से जुड़ी गतिविधियां भी लगभग ठप हैं। कहीं लिखित परीक्षा हो गई तो इंटरव्यू फंस गया और कहीं इंटरव्यू हो गया तो रिजल्ट फंस गया। युवाओं की एक-एक दिन उम्र निकल रही है। उनके चांस कम होते जा रहे हैं। ऐसे में जो भर्ती की लिखित परीक्षा या इंटरव्यू दे चुके हैं लेकिन परिणाम नहीं आया है, वे सबसे ज्यादा परेशान हैं

रिपोर्ट – मिंटू शर्मा

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