सफाई के नाम पर लाखों का खेल, कचरे और गन्दगी से बजबजा रही नहरें

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बीघापुर/उन्नाव(ब्यूरो)- क्षेत्र में कभी नहरे पानी से लबालब भरी रहती थीं और नहरों के किनारे तथा जहां तक नहरों का पानी पहुंचता था फसलें लहलहाया करती थीं। धीरे-धीरे प्रकृति भी रूठने लगी क्योंकि बरसात भी पहले की तुलना में अब कम होने लगी है। तो क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने भी इन नहरों पर ध्यान नहीं दिया। जिससे कहीं-कहीं तो नहरों का अस्तित्व ही खत्म हो गया तो कहीं नहरों ने नालियों का स्वरूप ले लिया।

साफ सफाई के नाम पर करोड़ों का बन्दरबांट हुआ, जिससे सम्बन्धित ठेकेदार तो चमचमाने लगे किन्तु नहरें दुर्दषाग्रस्त होती चली गईं। जिसका जीताजागता प्रमाण क्षेत्र की नहरों को देख कर लिया जा सकता है। साफ-सफाई के नाम पर डलमऊ बी पम्प तथा शारदा नहर से निकली रसूलपुर माइनर में लाखों का बंदरबांट तो हुआ किन्तु नहर अपना स्वरूप नहीं पा सकी।

सूत्र बताते हैं कि ठेकेदारों द्वारा दिखाने के लिए नहर की षुरुआत में लगभग 1 किमी सफाई करा दी गई शेष को ऐसे ही छोड़ कर भुगतान करा लिया गया। धानीखेड़ा के पास सफाई न होने के कारण दुकानदारों ने नहर में कूड़ा डालना प्रारम्भ कर दिया और नहर को पाट दिया है। इस नहर के समाप्त हो जाने से सगवर, भरथीपुर, निहालीखेड़ा, अलीपुर, अहरेउरा, रसूलपुर, बाबूखेड़ा, हरिष्चन्द्रपुर आदि दर्जनों गावों के किसान मायूस हैं। लगभग ऐसा ही भ्रष्टाचार सफाई के नाम पर ओसियां अकबरपुर माइनर में भी किया गया है, जिसमें सफाई हेड से लगभग एक किमी की गई है और भुगतान पूरे का करा लिया गया है। रिंकू सिंह, अतुल सिंह, दीपक, मोना प्रधान, अजय वर्मा, अजय सिंह, कल्लू पासी, कपिल साहू, पंकज पंडित आदि लोगों ने जिला प्रषासन से नहरों की सफाई के नाम पर हुए भ्रष्टाचार की जांच करा कर दोशी लोगों को दण्डित किए जाने की मांग की है।

रिपोर्ट- मनोज सिंह 

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