गठबंधन के बाद भी आमने सामने ठोक रहें ताल

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रायबरेली। जनपद का सियासी पारा अपनी चरम पर पहुंच गया है। लोगों में इस बात की चर्चा ज्यादा है कि गठबंधन के बाद भी दो विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं जहां से दोनों पार्टियों के अधिकृत प्रत्याशी चुनाव मैदाम में है। जिससे कार्यकताओं एवं जनता में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। लोगों ने तो यहां तक कहना शुरू कर दिया है कि अगर यही हाल रहा तो बाजी कोई तीसरा भी मार सकता है। यूं तो गठबंधन के दोनो जिलाध्यक्षों ने संयुक्त प्रेसवार्ता करके साथ चुनाव लड़ने का भरोसा दिया है लेकिन धरातल में यह बात खोखली साबित हो रही है। सरेनी व ऊंचाहार विधानसभा में दोनो पार्टियों के उम्मीदवार ताल ठोंकते नजर आ रहें है। जिसमें दोनो पार्टियों के कार्यकर्ता परेशान हैं, जनता भी यह सोंचकर हैरान है कि इस नूरा कुश्ती में वो किधर जाए। अब देखना यह है कि आने वाले समय में ऊंट किस करवट बैठे। पिछली विधानसभा में कांग्रेस के गढ़ में सपा ने अपना परचम लहराया था। लेकिन इस बार गठबंधन की वजह से यहां की सीटे कांग्रेस के पाले में आ गयी है। लेकिन आपसी खींचातानी में कहीं ऐसा न हो कि बाजी कोई तीसरा न मार ले जाए।
रिपोर्ट – राजेश यादव

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