भदोही के निजी अस्पताल संचालक के खिलाफ युवक की मौत पर मुकदमा

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भदोही (ब्यूरो) उत्तर प्रदेश के – भदोही ज़िले के एक निजी अस्पताल पर  सड़क हादसे में घायल जौनपुर के युवक की मौत के मामले में पुलिस अधीक्षक भदोही सचिन्द्र पटेल के आदेश पर जाँच के बाद भदोही कोतवाली में आरोपी डाक्टर और अस्पताल संचालक के खिलाफ 304 A/ 504/506 के तहत मामला दर्ज किया गया है । आगे की जाँच एक एसआई को सौंपी गई है ।हालांकि डाक्टर ने इस तरह के किसी आरोप से इनकार किया है । उन्होंने कहा है कि मौत हमारे यहाँ नहीँ हुई है । पुलिस ने मुकदमे की बात स्वीकारी है, और आरोपों की जाँच की जा रहीं है ।

जौनपुर जिले के मछलीशहर थाने के  मतरी  गांव निवासी रविकांत (23) 05 जून को अपने किसी रिश्ते में परियत आया था। यहाँ से मांगलिक कर्यक्रम में सरीक होने आलमगंज जाते समय गाड़ी से फिसल जाने से बुरी तरह घायल हो गया था । जिसे उपचार के लिए भदोही के जीवनदीप हॉस्पिटल में परिजनों ने भर्ती कराया था । परिजनों का आरोप है कि हॉस्पिटल के मालिक एवं डाक्टर ए.के. गुप्ता की तरफ़ से इलाज में की गई लापरवाही की वजह से 06 जून को सुबह रविकांत की मौत हो गई।मौत के बाद एके गुप्ता अपनी जान बचाने के लिए परिजनों को डरा धमका कर शव अस्पताल से बाहर निकलवा दिया । जैसा की परिजनों का दावा है कि घायल रविकांत पूरी तरह कोमा में चला गया था। अंतिम संस्कार  करने के बाद भाई ऋषिकान्त ने  आरोपी डॉक्टर एवं अस्पताल संचालक गुप्ता के  खिलाफ योगी सरकार से न्याय की गुहार लगाई थी। बाद में पीड़ित परिजन पुलिस अधीक्षक सचिन्द्र पटेल से मिले ।

एसपी ने मामले की गम्भीरता को लेते हुए जाँच भदोही के सीओ परमहंस मिश्रा को सौंपी। जिसके बाद ऋषिकान्त की तहरीर पर भदोही थाना कोतवाली में आरोपी डॉक्टर और जीवनदीप अस्पताल के संचालक के गुप्ता के खिलाफ आईपीसी की धारा 304 A/ 504/506 के तहत मामला दर्ज किया गया । आगे की जाँच एसआई रामआधार यादव को सौंपी गई है ।अस्पताल संचालक डाक्टर एके गुप्ता का दावा है की हमारे यहाँ युवक की मौत नहीँ हुई थी । हमने सिटी स्कैन और खून की जाँच कराई थी । खून की जाँच में कुछ दिक्कत थी जबकि सिटी स्कैन में ऐसी बात नहीँ थी । उसके  इलाज में सुधार न होने पर हमने भर्ती की तरीख को ही परिजनों को बीएचयू दिखाने के लिऐ कहा था। लेकिन वह लोग पैसे की व्यवस्था न उपलब्ध होने की बात कहते रहे । सुबह हमने घायल युवक को दूसरी जगह ले जाने के लिए कहा और अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया । युवक की मौत हमारे यहाँ नहीँ हुई है । परिजनों की तरफ़ से गलत आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज कराया गया है।अस्पताल से जबरिया बाहर निकालने की बात बेबुनियाद है।  उसकी मौत अस्पताल में नहीँ हुई।अस्पताल को बदनाम करने के लिए ऐसा किया गया |

 

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