मामला पशु अस्पताल के निर्माण का, पूर्व प्रमुख का कोपभाजन बने मजदूर

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मुरलीछपरा/बलिया : लगभग 50 लाख की लागत से फैक्सपेड द्वारा बनने वाले पशु अस्पताल में मानक के विरुद्ध हो रहे कार्य को ग्रामीणों की शिकायत पर पूर्व प्रमुख कन्हैया सिंह ने मंगलवार को मजदूरों को मौके से जाकर खदेड़ा। वहीं सख्त हिदायत दिया कि जब तक अस्पताल बनाने का प्राक्कलन नहीं आ जाता, तब तक कार्य बंद रहेगा। जिससे ठेकेदार व संबंधित अधिकारियों में हड़कंप मच गया।

पशु चिकित्सालय मुरली छपरा काफी दिनों से जर्जर था, इसे बनाने के लिए अनेक बार विभाग द्वारा शासन को लिखा गया। इसी क्रम में अस्पताल व पशुओं के लिए चार पशुबेड व अड़गड़ा का निर्माण का निर्माण आरंभ हुआ। इसका निर्माण कार्य सतह से मात्र डेढ़ से दो फीट की गहराई कर नींव की जुड़ाई सफेद बालू से कर दी चालू कर दी गई। इसे देखकर ग्रामीणों सहित पशु पालन विभाग के भी कान खड़े हो गए। इसकी शिकायत पूर्व प्रमुख कन्हैया सिंह से की गई। जिस पर कन्हैया सिंह ने निर्माणाधीन पशु अस्पताल का स्थलीय निरीक्षण किया। जहां की स्थिति देख वे खुद भौचक रह गए। सतह से मात्र दो फीट की गहराई में नींव खुदाई कर बिना गिट्टी आदि डाले निर्माण कार्य आरंभ था। जब उन्होंने मजदूरों से बात की तो उन्होंने बताया कि ठेकेदार द्वारा निर्देश दिया गया है कि सफेद बालू से जोड़ाई का कार्य करना है। आठ-एक के अनुपात में जोड़ाई का कार्य चल रहा है। जिस पर कन्हैया सिंह ने तत्काल कार्य बंद कराकर मजदूरों को वहां से भगाया। उन्होंने सख्त हिदायत दी कि जब तक निर्माण कार्य का प्राक्कलन अस्पताल पर नहीं आ जाता, तब तक निर्माण कार्य आरंभ नहीं होगा। निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि जागरण ने लगभग तीन माह पूर्व जागरण पड़ताल के क्रम में पशु अस्पताल जर्जर, कर्मचारी भयभीत के शीर्षक से सचित्र प्रमुखता से प्रकाशित किया था। तब से ही शासन द्वारा अस्पताल बनाने के लिए प्रक्रिया चल रही थी।

रिपोर्ट – विद्या भूषण चौबे

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