सदन में गूंजा हरी शंकर तिवारी के घर पुलिस छापे का मामला

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में गोरखपुर के चिल्लूपार क्षेत्र से विधायक विनय शंकर तिवारी के घर में पुलिस छापे का मामला आज सदन में भी गूंजा। प्रश्नकाल समाप्त होते ही बहुजन समाज पार्टी (बसपा) विधानमंडल दल के नेता लालजी वर्मा ने विनय शंकर तिवारी के गोरखपुर स्थित घर में पुलिस के छापे का मामला उठाना चाहा, लेकिन अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने इसकी अनुमति नहीं दी। दोनों में कुछ देर तक तर्क-वितर्क चला। इसमें हस्तक्षेप करते हुए नेता विरोधी दल रामगोविन्द चौधरी ने कहा, ‘जबरा मारै रोवै न देय।’ हृदय नारायण चौधरी ने कहा कि विनय शंकर तिवारी के प्रकरण में यह कहावत सटीक बैठ रही है। मामले को सदन में नियमों का हवाला देते हुए उठाने नहीं दिया जा रहा है तो सदस्य के साथ किये गये दुर्व्यवहार को सदन में किस तरह उठाया जाये। उन्होंने अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित से शिकायती लहजे में कहा, ‘आपके मन में विपक्ष के लिए कृपा की कमी है।’ विपक्ष संख्या में कम है और आपका संरक्षण नहीं मिलेगा तो विपक्षी सदस्य क्या करेंगे। उन्होंने कहा कि हर राजनीतिक कार्यकर्ता का मान रखा जाना चाहिए, वह चाहे जिस पार्टी का हो। सदस्य के साथ दुर्व्यवहार हो तो पूरे सदन को एक स्वर में बोलना चाहिए। गोरखपुर में बिना कारण एक सदस्य के घर पर छापा मारा गया।

संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने श्री चौधरी को टोका और कहा कि पीठ पर आक्षेप नहीं लगाया जा सकता। हृदय नारायण चौधरी ने सुरेश खन्ना की आपत्ति को खारिज किया और कहा कि कृपा और आरोप में अन्तर है। बसपा के सुखदेव राजभर ने अध्यक्ष की ओर इशारा करते हुए कहा कि इतने निर्दलीय मत बनिये। विनय तिवारी को अपनी बात कहने का मौका दीजिए। श्री चौधरी ने भी अध्यक्ष से एक मिनट बोलने का समय देने का आग्रह किया। श्री खन्ना ने कहा कि सरकार को भी सूचना मंगवाने का समय दिया जाना चाहिए। कल तक सूचना आ जायेगी। इस पर अध्यक्ष श्री दीक्षित ने इस मसले को कल उठाने की अनुमति दे दी|

रिपोर्ट- मिंटू शर्मा

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