जेल अधीक्षक व अन्य पर 20 माह बाद भी नहीं दर्ज हुआ मुकदमा

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सुल्तानपुर(ब्यूरो)- अदालत का आदेश हुए करीब 20 माह बीतने के बावजूद भी कोतवाली नगर की पुलिस दलित की हत्या के मामले में आरोपी जेल अधीक्षक समेत 6 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर नहीं दर्ज कर पाई। यही नहीं अदालत के कई आदेशों के बावजूद भी पुलिस ने वांछित आख्याअभी नहीं भेजी। जिस पर कड़ा रूख अपनाते हुए सीजेएम विजय कुमार आजाद ने नगर कोतवाल के खिलाफ पुलिस एक्ट के अन्तर्गत मुकदमा दर्ज करते हुए आगामी 28 मार्च को तलब कर स्पष्टीकरण मांगा है।

मामला जगदीशपुर थानाक्षेत्र के नियामत का पुरवा मजरे दक्खिनगांव से जुड़ा है। जहां की रहने वाली अभियोगिनी केशपता के आरोप के मुताबिक एसआई मो. हाशिमी, सिपाही वंशराज यादव, विष्णु कुमार मिश्र, देवी प्रसाद पाण्डेय फर्जी मामले में उसके पति दिनेश कुमार को 29 मई 2014 की शाम उठाकर थाने लाये और जमकर पिटाई की। इस दौरान पुलिसकर्मियों पर करीब साढ़े सात हजार रूपये ले लेने का भी आरोप लगा।

आरोप के मुताबिक उसके पति को पुलिस ने फर्जी ढ़ंग से फंसाकर जेल भेज दिया। जेल में भी जिम्मेदार अधिकारियों ने उसके इलाज में लापरवाही बरती, नतीजतन सही इलाज न हो पाने के चलते उसकी जान चली गई। इसी मामले में अभियोगिनी की अर्जी पर सीजेएम कोर्ट ने 12 अगस्त 2015 को एफ आईआर दर्ज कर जांच के लिए आदेश दिए। कोर्ट का आदेश हुए करीब 20 माह समय बीतने को है, लेकिन पुलिस अभी तक आरोपी जेल अधीक्षक समेत अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा नहीं दर्ज कर सकी है। इसी मामले में पड़ी मॉनीटरिंग अर्जी पर सुनवाई के पश्चात अदालत ने कई बार नगर पुलिस से आख्या भी मांगी, लेकिन यहां की पुलिस ने आख्या भी भेजना मुनासिब नहीं समझा। सीजेएम विजय कुमार आजाद ने पुलिस की इस लापरवाही पर कड़ा रूख अपनाते हुए कोतवाल के खिलाफ पुलिस एक्ट के अन्तर्गत मुकदमा दर्ज करते हुए आगामी 28 मार्च को तलब किया है। वहीं मुकदमा न दर्ज होने के बाबत कोतवाल पंकज वर्मा से बात की गई तो वे कल ही मुकदमा दर्ज होने का दावा कर रहे है।

रिपोर्ट- संतोष यादव
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