मनाई गयी इलाहाबाद हाईकोर्ट की १५०वीं वर्षगाँठ

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इलाहाबाद(प्रतापगढ़ ब्यूरो)- न्याय के मंदिर इलाहाबाद हाईकोर्ट की 150वीं वर्षगांठ का समारोह शुरू हो चुका है। मंच पर नरेंद्र मोदी के साथ, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया, यूपी के राज्यपाल राम नाईक और योगी आदित्यनाथ मौजूद हैं। द्वीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। पीएम मोदी ने समारोह का आगाज किया और फिर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंच पर मौजूद सभी दिग्गजों को धन्यवाद दिया और न्यूजलेटर का विमोचन भी किया।

2022 के लिए सपना देखे देश-
पीएम मोदी ने अपने संबोधन भाषण में सबका धन्यवाद किया और कहा कि इलाहाबाद एचसी न्याय का तीर्थक्षेत्र है। उन्होंने आगे कहा कि मुझे सीजीआई के शब्दों से पीड़ा महसूस हुई है। समारोह में शामिल होकर खुद को गर्वित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कानून का मकसद सबका कल्याण करना होता है। कानून अमीरों का नहीं होता बल्कि गरीबों का होता है। कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार सीजीआई के संकल्पों के साथ है।

न्यू इंडिया से कानून व्यवस्था में आए सहजता-
उन्होंने कहा कि 2022 के लिए देश सपना देखे और संकल्प तय करें। तकनीक की वजह से वकीलों का काम आसान हो गया। हमने 1200 कानून खत्म कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि अब केस की तारीख मिलने में दिक्कत नहीं आएगी। एक एसएमएस से मुकदमों की तारीख मिल जाएगी। मोबाइल से केस की तारीख मिलने में अब कोई दिक्कत नहीं होगी। जेल और कोर्ट अगर जुड़ जाते हैं तो कैदी भाग नहीं पाएंगे। जेलर से कोर्ट जुड़ने चाहिए।

कानून से ऊपर कोई नहीं होता-
योगी आदित्यनाथ ने आज के इस अवसर पर कहा कि कानून का स्थान शासक से भी ऊपर होता है। कानून के सामने कोई बड़ा या छोटा नहीं होता है। उन्होंने आगे कहा कि कानून से समाज चलता है। कानून और न्याय एक दूसरे के पूरक हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कई ऐतिहासिक फैसले दिए हैं। हाईकोर्ट के कई फैसले मिसाल भी बने हैं।

रिपोर्ट- अवनीश कुमार मिश्रा
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