मोदी सरकार ने किया पैलेट गन का समर्थन, सुप्रीम कोर्ट से कहा देश की संप्रभुता और अखंडता दांव पर है

0
231

नई दिल्ली – घाटी में गुस्साई भीड़ को काबू करने के लिए सुरक्षा बलों द्वारा उपयोग में लाई जा रही पैलेट गन पर सुप्रीम ने सुनवाई करते हुए कहा है कि भीड़ पर काबू पाने के लिए क्या हम किसी अन्य प्रभावी माध्यम पर गौर नहीं कर सकते हैं क्योंकि यह मामला जिंदगी और मौत से जुड़ा हुआ है। सुप्रीम कोर्ट के इस टिप्पणी के बाद केंद्र सरकार ने पैलेट गन का बचाव करते हुए कहा है कि कश्मीर घाटी में देश की संप्रभुता और अखंडता दावों पर लगी है ऐसे में पैलेट गन हमारे पास आखिरी विकल्प की तरह से है।

केंद्र सरकार से सुप्रीम कोर्ट ने मांगा था जवाब-
दरअसल आपको बता दे कि पैलेट गन के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा था कि क्या इस मामले में कोई वैकल्पिक विधि का उपयोग नहीं किया जा सकता है जिससे लोगों को कम चोट आये ?

सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी पर केंद्र सरकार ने जवाब देते हुए कहा किसी अन्य वैकल्पिक विधि को लेकर वह न्यायालय को सूचित करेगा साथ ही केंद्र ने यह भी कहा है कि यह आसान मामला नहीं है देश की सुरक्षा से जुड़ा हुआ मसला है।

सभी को शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने का अधिकार है-
देश की सर्वोच्च न्यायालय ने मामले पर सुनवाई करते हुए कहा है कि हर किसी को शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने का अधिकार है। इसी मामले पर तर्क देते हुए अटार्नी जनरल ने कहा कि पैलेट गन के इस्तेमाल से पहले एक उचित प्रोटोकॉल का पालन किया जाता है और पैलेट गन के इस्तेमाल का आदेश मजिस्ट्रेट के द्वारा दिया जाता है।

उन्होंने आगे कहा कि आज देश की अखंडता और संप्रभुता दाव पर है। पैलेट गन हमारे पास अंतिम उपाय है क्योंकि भीड़ बड़े-बड़े पत्थर तथा धारदार वस्तुओं का प्रयोग करती है। उन्होंने ने शीर्ष अदालत को यह भी बताया है कि, भीड़ ही नहीं हमारे सुरक्षा बल भी घायल होते हैं, उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से सवाल पूछते हुए कहा कि सुरक्षा बलों का आखिर क्या करना चाहिए ? यह शांतिपूर्ण स्थिति नहीं है, उन्होंने बताया कि जुलाई 8, 2016 से मात्र 32 दिनों के भीतर ही सीआरपीएफ के ऊपर करीब 252 हमले हुए हैं। ऐसे में हमें क्या करना चाहिए ?

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here