कर्म की सिद्धि पराक्रम से होती है न कि संसाधनों से : डा.अवध नारायण त्रिपाठी

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मुगलसराय (चन्दौली) : स्थानीय लाल बहादुर शास्त्री स्नातकोत्तर महाविद्यालय प्रांगण मे चल रहे दो दिवसीय रोवर्स रेंजर्स समागम समारोह का समापन सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच संपन्न हुआ । उक्त अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप मे पधारे इंदिरा गाँधी मुक्त विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय निदेशक डा. अवध नारायण त्रिपाठी ने उपस्थित प्रतिभागियों व जनसमुह को संबोधित करते हुए कहा कर्म की सिद्धि पराक्रम से होती है न कि संसाधनों से । रोवरिंग और रेंजरिंग कठिनाइयों मे जीना सिखाती है । आज के प्रतिस्पर्धी समय मे जागरूक और चूजी होना आवश्यक है ।

विशिष्ट अतिथि पूर्व प्राचार्य डा. पुष्पा सिंह ने कहा ज़िंदगी को साहस से जीने की कला व्यक्ति मे होना अति आवश्यक है ।क्रियाओं को अमली जामा तभी पहनाया जा सकता है जब व्यक्ति मे साहस हो ।छत्रधारी सिंह महाविद्यालय के प्रबंधक अरुण कुमार सिंह ने अपने संबोधन मे कहा कि जवानॉं मे उर्जा कूट कूट कर भरी रहती है जिसके बल पर वे अपना कार्य सही ढंग से कर पाते हैं । उक्त उर्जा को रोवर्स रेंजर्स जैसी संस्थाओं से ही प्राप्त किया जा सकता है ।बताते चलें कि समागम मे चार महाविद्यालयों ने प्रतिभाग किया जिसमे लाल बहादुर शास्त्री स्नातकोत्तर महाविद्यालय प्रथम स्थान एवं द्वितिय स्थान छत्रधारी सिंह महाविद्यालय सदलपुरा व तृतीय स्थान स्थान पर खंडवारी स्नातकोत्तर महाविद्यालय रहा ।कृश्णपाल श्रीवास्तव , विजय शंकर मिश्र , डा. राम चंद्र शुक्ल , धर्मराज सिंह यादव वीरेंद्र पाण्डेय , एल उमाशंकर सिंह , डा. महेंद्र नाथ पाण्डेय , डा. बृजेंद्र पाण्डेय , डा. ईशरत जहाँ , जयशंकर मिश्र , रजनीकांत मिश्र , राहुल सिंह ओम प्रकाश सिंह रामजीत यादवरंजित भट्टाचार्या आदि सहित सैकडों लोग उपस्थित रहे ।कार्यक्रमकी अध्यक्षता पूर्व प्रबंधक राजेश तिवारी अतिथियों का स्वागत डा. सुरेंद्र मिश्र व धन्यवाद प्रकाश प्रचार्य डा. अनिल कुमार यादव ने एवं संचालन डा. दीनबंधु तिवारी ने किया।

रिपोर्ट–उमेश दुबे

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