सबकुछ होने के बावजूद नहीं खुल रहा छपरा मेडिकल कॉलेज

0
117

सारण(ब्यूरो)- छपरा मेडिकल कॉलेज को खोलने का रास्ता साफ होने के बाद भी कॉलेज का खुलना एक सपना-सा दिख रहा है। मेडिकल कॉलेज खोलने का मामला पिछले कई वर्षो से अधर में लटका था, जो पिछले साल नवंबर 16 में पूरा हुआ। सरकार पहले सदर अस्पताल में मेडिकल कॉलेज खोलने की प्रक्रिया शुरू की थी। लेकिन मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया ने सदर अस्पताल में मेडिकल कॉलेज शुरू करने की अनुमति नहीं दी। जिसके बाद तत्कालीन जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने जेपी विश्वविद्यालय कैंपस में छपरा मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल के लिए 25 एकड़ जमीन का अधिग्रहण कराया। इसके बाद मेडिकल कॉलेज का नक्शा भी पास हो गया। आर के आर्किटेक्ट ने मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल का नक्शा बनाया है। जिसपर छपरा मेडिकल कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य सह श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने भी अपनी मोहर लगा दी है।

छपरा मेडिकल कॉलेज में हैं 100 सीटें-
छपरा मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल में मेडिकल कॉलेज के 100 छात्र -छात्राओं का नामांकन होगा। जिन्हें इस नये सरकारी मेडिकल कॉलेज में पढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही प्रैक्टिकल भी यहां कराया जायेगा। प्रथम वर्ष के मेडिकल कॉलेज के छात्रों का वर्ग व्याख्यान के लिए एनाटोमी, फिजियोलॉजी, बायो केमेस्टी की व्यवस्था होगी। दूसरे चरण में ओपीडी और अगले चरण में आपातकालीन सेवा समेत अन्य विभागों को प्रारंभ किया जाना है।

13वीं पंचमवर्षीय योजना के तहत मिली थी स्वीकृति-
छपरा में मेडिकल कॉलेज खोलने की योजना 13 वीं पंचम वर्षीय योजना के तहत स्वीकृति मिली थी। इस समय छपरा इंजीनिय¨रग कॉलेज के उद्घाटन समारोह में नीतीश कुमार ने अपने संबोधन में कहा था कि यदि जमीन उपलब्ध हो जाए तो छपरा में मेडिकल कॉलेज की स्थापना होगी। सीएम की घोषणा के बाद राज्य सरकार सक्रिय हुई और कॉलेज खोलने की दिशा में कार्य हुआ। छपरा मेडिकल कॉलेज खोलने की अधिसूचना दो अक्टूबर 2014 को ही सरकार के तत्कालीन संयुक्त सचिव सुरेश कुमार शर्मा ने जारी की थी। यह सारण प्रमंडल का पहला छपरा मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल होगा।

सारण प्रमंडल के लोगों को मिलेगा बेहतर चिकित्सा सुविधा-
छपरा मेडिकल कालेज व अस्पताल के चालू हो जाने से सारण प्रमंडल के छपरा, सिवान एवं गोपालगंज केच् लोगों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा बहुत ही कम खर्च में मिलेगा। इससे गरीब तबके के लोगों को ज्यादा फायदा होगा। असाध्य रोगों का उपचार एवं जांच यहां बहुत ही कम खर्च में हो जाएगा। इतना ही नहीं सारण प्रमंडल के लोगों को पीएमसीएच आइजीएमएस एवं बीएचयू जाने से मिलेगी राहत। क्योंकि छपरा जिले के लोग बेहतर चिकित्सा के लिए पटना एवं मुजफ्फरपुर एवं गोपालगंज व सिवान के लोग बेहतर चिकित्सा के लिए गोरखपुर एवं वाराणसी जाते है। लेकिन छपरा में आधुनिक सुविधा से लैस मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल खुलने के बाद वहां जाने से मुक्ति मिल जाएगी।

कॉलेज खुलवाने को ले विधायक व सांसद नहीं कर रहे प्रयास-
छपरा मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल खुलने की लगभग सारी प्रक्रिया पूरी हो गई। विश्वविद्यालय में 25 एकड़ जमीन अधिग्रहित हो गई, कॉलेज का डीपीआर बन गया है, नक्शा बन गया, इसे प्रभारी प्राचार्य ने अपनी मोहर भी लगा दी है। लेकिन फाइल के दौड़ने की प्रक्रिया में सिस्टम का ब्रेक लगने से कॉलेज खुलने में देरी हो रही है। लेकिन सारण प्रमंडल के विधायक व सांसद इस दिशा में कोई प्रयास नहीं कर रहे हैं। सारण प्रमंडल के विधायक व सांसद राज्य व केंद्र सरकार में मंत्री है। लेकिन इसे इस दिशा में पहल नहीं कर रहे है। जिसके कारण सबकुछ होने के बाद भी जमीनी पर कॉलेज नहीं दिखा रहा है।

रिपोर्ट-सुशील कुमार यादव

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here