पुराने अपराधियों के शार्गिदों ने लूटी थी बैंक

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मोकामा
: बैंक लूट की वारदात को अंजाम देने वाले तीनों अपराधी भले ही नौसीखिए हों लेकिन काफी दुःसाहसी भी हैं| वारदात को अंजाम देने वाले तीनों पुराने और पेशेवर अपराधी नहीं थे, लेकिन उनको बैंक लूट की वारदातों के अनुभवी और पेशेवर अपराधियों का मार्गदर्शन मिल रहा था|

अपराधियों के कृत्य को डेयरडेविल एक्ट माना जा रहा है| आम धारणा है कि पेशेवर अपराधी जिनका मकसद बैंक लूटना होता है, आम तौर पर हत्या नहीं करते हैं| विषम परिस्थितियों में ही बैंक लूट से इतर हत्या की वारदात को अंजाम देते हैं|

बेलछी घटना में पहले हत्या की गई, तब रूपए लूटे गए| गार्डों को डराकर रूपए लूटने के बदले सीधे हत्या कर रूपए लूटना निश्चित तौर पर डेयरडेविल एक्ट है| जिस तरह से दो अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर एक के बाद एक तीन लोगों की जान ली, उसके बाद भी उन्होंने फायरिंग बंद नहीं की थी|

एक वरिष्ट अधिकारी की मानें तो एक अपराधी बाइक स्टार्ट करके बैठा हुआ था, जबकि दो अपराधी पिस्टल से फायरिंग कर रहे थे| गोलियां चलते ही दहशत फैल गई थी|

लूट के बाद बाइक पर पीछे बैठे अपराधी ने रुपयों से भरा बक्सा पकड़ रखा था तथा भागते वक्त बीच में बैठे अपराधी के हाथ में पिस्टल थी| गार्ड की बंदूक भी बाइक पर बीच में बैठे अपराधी के पास थी| पिस्टल से की गई फायरिंग और हत्या के बाद जब बाजार के लोग दुकान छोड़कर सड़कों पर आ गए तो दहशत फैलाने की नीयत से गार्ड की बंदूक से दो राउंड फायरिंग की गई| बंदूक के चैंबर में दो गोलियां मौजूद थीं और बंदूक से दोनों गोलियां फायर कर दी गईं |

भागने के दौरान रास्ते के मध्य विद्यालय के बच्चे भी छत पर से अपराधियों को देखने लगे तो बच्चों की ओर भी लक्ष्य कर डराने के उद्देश्य से दो राउंड गोलियां पिस्टल से फायर की गईं| इसके बाद बंदूक को फेंक दिया गया|

रिपोर्ट-कुमार आशुतोष
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