छत्तीसगढ़ ईडब्ल्यूएस और एलआईजी के लिए 26,034 मकान बनाएगा, केंद्र आवास के लिए 190 करोड़ रुपये की मदद करेगा |

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The Union Minister for Urban Development, Housing and Urban Poverty Alleviation and Parliamentary Affairs, Shri M. Venkaiah Naidu holding a follow up meeting to deliberate upon rationalisation and streamlining of the process pertaining to approvals of building plans and constructions, in New Delhi on October 28, 2015.

छत्तीसगढ़ ऐसा पहला राज्य बन गया है जिसे इस वर्ष जून में शुरू हुई प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत शहरी इलाकों में सस्ती आवास परियोजना शुरू करने के लिए केंद्र सरकार की मंजूरी मिल गई है। डॉ. नंदिता चटर्जी, सचिव (आवास एवं गरीबी उन्मूलन) की अध्यक्षता में अंतरमंत्रालयी निगरानी समिति ने राज्य के 11 शहरों और कस्बों में 26,034 मकान बनाने के राज्य सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इनमें से 12,670 लाभान्वित आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और 13,364 लाभान्वित निम्न आय वर्ग (एलआईजी) से हैं।

जिन परियोजनाओं का मंजूरी दी गई है, वह इन जगहों पर होगी- रायपुर, नया रायपुर, भिलाई इंस्डस्ट्रियल एस्टेट, राजनांदगांव, नरदहा (रायपुर), जोरापल्ली (रायगढ़), बिलासपुर (चिलहटी), श्रीरामनगर (कांकेर), मचेवा (महासमुंद), बलोद (सिवनी) और सुकमा।

ईडब्ल्यूएस मकानों को मंजूरी पीएमएवाई के घटक के तौर पर ‘भागीदारी में सस्ते आवास’ के तहत दी गई है। केंद्रीय मंजूरी समिति ने इन 12,670 ईडब्ल्यूएस मकानों के निर्माण के लिए मिशन के निर्देशानुसार डेढ़ लाख रुपये के हिसाब से से कुल 190 करोड़ रुपये की केंद्रीय मदद को भी अनुमति दे दी है। एलआईजी मकान आवास मिशन के घटक क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी के तहत बनाए जाएंगे, जिसके लिए केंद्रीय नोडल एजेंसियों राष्ट्रीय आवास बैंक और हडको (हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कारपोरेशन) को अधिकृत किया गया है। ये एजेंसियां प्रत्येक पात्र लाभार्थी को 15 वर्ष तक की ऋण अवधि के लिए 6 लाख रुपये तक के कर्ज पर 6.50 फीसदी की ब्याज सब्सिडी उपलब्ध कराएंगे।

समिति ने छत्तीसगढ़ सरकार को 76 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी किये जाने को भी मंजूरी दे दी है। राज्य शहरी विकास एजेंसी आवास मिशन के लिए केंद्रीय एजेंसी है जबकि छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड लागू करने वाली एजेंसी है।

भागीदारी में सस्ते मकान (एएचपी) सिर्फ ईडब्ल्यूएस से संबंध रखने वाले लाभार्थियों के लिए है जिनमें प्रस्तावित 35 फीसदी मकान न्यूनतम 250 मकानों के प्रोजेक्ट साइज के साथ ईडब्ल्यूएस के लिए आरक्षित रखे गए हैं। छत्तीसगढ़ के 11 शहरों में मंजूर की गई एएचपी परियोजनाओं में ईडब्ल्यूएस के लिए आरक्षण 36 फीसदी से 52 फीसदी तक है।

किस शहर में बनाए जाएंगे कितने ईडब्ल्यूएस मकान-

रायपुर-3104, नया रायपुर-7720,भिलाई इंस्डस्ट्रियल एस्टेट-192, राजनांदगांव-272, रायपुर (नरदहा)-192, जोरापल्ली-144, चिलहटी- 272, श्रीरामनगर- 134, मचेवा- 336, बलोद – 140 और सुकमा-164.

 

Source – PIB

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