विश्वकर्मा जयंती की छुट्टी को बहाल करने हेतु अखिल भारतीय विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन

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सुल्तानपुर(ब्यूरो)- विश्वकर्मा जयंती की निरस्त छुट्टी को बहाल करने व जिल में गभड़िया स्थिति विश्वकर्मा मंदिर को तोड़े जाने के विरोध में अखिल भारतीय विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा बैनर तले विश्वकर्मा समाज ने तिकोनिया पार्क में आज धरना प्रदर्शन कर सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा।

बतौर अतिथि कार्यक्रम में पहुँचे महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री राम आसरे विश्वकर्मा ने भाजपा सरकार पर विश्वकर्मा समाज के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कहा कि 17 सितम्बर को विश्वकर्मा जयंती को घोषित सार्वजानिक अवकाश को निरस्त कर योगी सरकार ने समाज के आदि देवता का अपमान किया है। हम इसे सहन नही करेगे। धरती पर जितना निर्माण हुआ है। वह सब विश्वकर्मा भगवान व उनके बंशजो की देंन है। यहाँ तक कि लंका द्वारिकापुरी भी बनाया। उन्होंने कहा कि विश्वकर्मा जयंती हमारे समाज के लिये सम्मान स्वाभिमान व पहचान है।हमारे समाज का इतिहास मिटाने की साजिश चल रही है।

पूर्व मंत्री ने आई भीड़ का आह्वान किया कि अपनी चुप्पी तोड़कर सड़क पर निकलो सरकार नही सुनती है तो अपना हक लड़कर लेगें।उन्होंने याद दिलाया कि 2003 में मुलायम सिंह यादव ने पहली बार 17 सितम्बर को विश्वकर्मा जयंती पर अवकाश घोषित कर समाज का सम्मान बढ़ाया था।बीच में मायावती सरकार ने भी यह गलती की थी 2012 में सत्ता सपा के हाथ आई तो अखिलेश यादव ने भी सार्वजानिक अवकाश घोषित कर मान बढ़ाया था। आज इस सरकार ने यह सम्मान वापस ले लिया। महासभा के प्रदेश अध्यक्ष राजेश विश्वकर्मा ने जयंती पर अवकाश घोषित करने व गभड़िया पर तोड़े गये विश्वकर्मा मंदिर के क्षतिग्रस्त हिस्से को ठीक कराने की मांग उठाई। सभा को सपा जिलाध्यक्ष प्रो0 राम सहाय यादव, डॉ. बृजेश विश्वकर्मा, जगदीश विश्वकर्मा, श्यामकरन विश्वकर्मा, सरदार कुलदीप सिंह, हरिप्रसाद ने भी संबोधित किया। धरना बाद प्रदर्शनकारियों ने नगर मजिस्ट्रेट को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर सपा महामंत्री मो. अहमद सूर्यलाल यादव भी मौजूद रहे।

रिपोर्ट- संतोष यादव

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