आखिर कब तक ट्रैक्टर से गिरते रहेंगे बाल मजदूर

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दुमका (ब्यूरो) जरमुणडी प्रखंड में आजकल बाल मजदूरों की बाढ़ सी आ गई है बाल मजदूरी थमने का नाम नहीं ले रहा है लेकिन बाल मजदूरी करवाने वाले लोगों की संख्या में दिन-ब-दिन बढ़ोतरी होती जा रही है ऐसा प्रतीत होता है कि जरमुणडी प्रखंड बाल मजदूरी का हब बन गया हो सनद रहे की जरमुणडी थाना क्षेत्र के अंतर्गत बासुकीनाथ नगर पंचायत के रामपुर ग़ाँव सुगी गांव की ओर जाने वाले मार्ग पर आज लगभग दिन के 1:00 बजे ठेकेदार मजदूरों को खाना खिलाने के लिए जा रहे थे कि अचानक एक बाल मजदूर ट्रैक्टर पर से बीच सड़क पर गिरकर बुरी तरह से जख्मी हो गया |

इस घटना की सूचना आसपास के गावों में जैसे ही फैली सभी लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े घायल बच्चे के माता भी उस स्थल पर पहुंच गए | मुंशी बच्चे को इलाज के नाम पर वहां से लेकर चले गए लेकिन सरकारी हॉस्पिटल में जब पता किया गया तो वह घायल को लेकर वहां नहीं पहुंचे थे | सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार घायल को लेकर यह प्राइवेट डॉक्टर के पास चले गए वही मौका का फायदा उठाते हुए ट्रैक्टर चालक भी ट्रैक्टर लेकर सुगी गांव में प्रवेश कर गए और गाड़ी सड़क किनारे लगाकर फरार हो गए घायल देवान टुडू पिता मुंशी टुडू घर सुगी पहाड़ी पंचायत खरविला के निवासी हैं | ज्ञात रहे कि इसी सड़क मार्ग पर महीनों पहले इसी गांव के एक आदिवासी बाल मजदूर की मौत ट्रैक्टर से गिरकर हो गई थी, जिसमें दलालों की मिलीभगत से गांव में ही मामले को निपटा दिया गया इस मामले की जानकारी जरमुणडी पुलिस के संज्ञान में थी जिसमें यह तय हुई मृतक के परिवारजनों से यह कहा गया बेटा तो वापस लौटेगा नहीं ट्रैक्टर वाले से ₹50000 दिलवा देता हूं ट्रैक्टर वाले ने ₹50000 दिया भी लेकिन पीड़ित परिवार के हाथों में नहीं बल्कि इस गांव के जो दलाल हैं उनके हाथों में दिया गया और 50,000 को सभी लोगों ने बांट कर अपने-अपने पास रख लिया उपरोक्त बातों से यह जान पड़ता है कि सरकारी मशीनरी की उदासीनता और कर्तव्यहीनता के कारण जरमुणडी प्रखंड में बाल मजदूरी कराना एक धंधा बन गया है |

रिपोर्ट – धनञ्जय कुमार सिंह

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