अतिकुपोषित बच्चों को भर्ती न कराने वाले प्र.चिकित्साधिकारियों, बाल विकास परियोजना अधिकारियों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही की जाये : जिलाधिकारी

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मैनपुरी (ब्यूरो) बच्चो को कुपोषण से बचाने की मुहिम में लगे अधिकारी गोद लिये गांव का समय से भ्रमण नहीं कर रहे है। कुछ अधिकारियो द्वारा समय से भ्रमण रिपोर्ट उपलब्ध नही कराई जा रही है फिर भी उनके विरूद्ध कोई कार्यवाही नही की गयी है कुछ अधिकारियो द्वारा भ्रमण आख्या दी जाती है तो उसे वेबसाइड पर अपलोड नहीं किया जा रहा है, जबकि माह की भ्रमण आख्या 10 तारीख तक अपलोड होनी है। सभी अधिकारी सुनिश्चित करें कि भ्रमण आख्या समय से प्रत्येक दशा में उपलब्ध करा दें,समय से भ्रमण आख्या उपलब्ध न कराने वाले अधिकारियो के विरूद्व दण्डात्मक कार्यवाही होगी। पोंषण पुनर्वास केन्द्र में अतिकुपोषित बच्चो को भर्ती न कराने वाले प्र.चिकित्साधिकारियो, बाल विकास परियोजना अधिकारियो के विरूद्व प्रभावी कार्यवाही की जाये।

उक्त निर्देश जिलाधिकारी यशवंत राव ने जनपद स्तरीय राज्य पोषण समिति की बैठक में दिये। उन्होने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग मे गर्भवती महिलाओं का डाटा पूर्ण नही है,कितनी गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण होना था,कितनी का हुआ। कितनी डिलीवरी होनी थी, कितनी हुई। कितने बच्चों का वजन होना था,कितने का वजन हुआ,कितने नवजात को 01 धटें के भीतर स्तनपान कराया गया कोई रिकार्ड किसी के पास नही है, यह स्थिति अत्यंत खेदजनक है। उन्होने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि अभी ग्राम पचायतों मे अनटाइड फंड का काफी पैसा पडा है,कुछ ग्राम सभाओं मे स्वास्थ्य समिति के खाते ही नही खुले है। यह चिन्ताजनक है बरसात के मौसम में अनटाइड फंड से ग्रामों में छिडकाव, सफाई आदि के कार्य होने है। उन्होंने सचेत करते हुए कहा कि ए.एन.एम का वेतन तभी आहरित किया जाये जब उसके पे-रोल के साथ उनके क्षेत्र के स्वास्थ्य समिति के बेंक खातों का विवरण ,खाता नं. अंकित हो,यदि किसी ए.एन.एम का वेतन बिना स्वास्थ्य समिति के खाते खुले आहरित किया तो सीधे तौर पर प्र.चिकित्साधिकारी जिम्मेदार होगें। उन्होने जिला पंचायत राज अधिकारी से कहा कि ग्राम प्रधानों का मानदेय तभी आहरित किया जाये, जब सभी के ग्राम स्वास्थ्य समिति के खाते खुल जायें।

जिलाधिकारी ने कहा कि प्रदेश सरकार बच्चो,गर्भवती महिलाओ के स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील है, बच्चो को कुपोषण से बचाने के लिए,गर्भ में पल रहे बच्चे कीे सही देखभाल का जिम्मा स्वास्थ्य,बाल विकास विभाग को सौंपा है, परन्तु इन विभागो द्वारा अपने दायित्वेां का निर्वहन ईमानदारी से नहीं किया जा रहा है। उन्होने कहा कि अति कुपोषित बच्चों को एन.आर.सी मे भर्ती कराये,यदि एन.आर.’सी का कोई बेड खाली रहा और क्षेत्र मे अति कुपोषित बच्चें मिले तो एमओआईसी के विरूद्व कार्यवाही तय हेैं। गर्भवती महिलाओं एंव बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड करने वाले बचेगे नही।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी विजय कुमार गुप्ता,उप जिलाधिकारी सदर, भोगांव, करहल, किशनी, घिरोर अमित कुमार, संदीप कुमार, राजेश यादव, राम चन्द्र, देवेन्द्र सिह, मुख्य चिकित्साधिकारी डा.शरद वर्मा, परियेाजना निदेशक , जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी बी.एस.यादव आदि उपस्थित रहे।

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