45 साल पुराने आयुर्वेदिक अस्पताल की ढही छत , बाल- बाल बचे मरीज और डॉक्टर  

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भदोही(ब्यूरो)- उत्तर प्रदेश के भदोही ज़िले के के महराजगंज कस्बे में शनिवार को एक बड़ा हादसा टल गया । जिस समय चिकित्सक मरीजों को देख रहे थे । उसी दौरान 45 साल से अधिक पुरानने  सरकारी आयुर्वेदिक अस्पताल की जर्जर भवन की छत भरभरा कर गिर गई । उस समय यहाँ मरीज और डाक्टर मौजूद थे लेकिन सभी बाल – बाल बच गए ।

अस्पताल पर उस समय अफरातफरी मच गयी जब डॉक्टर ब्रह्मदेव चतुर्वेदी भवन के सामने के बरामदे में मरीज देख रहे थे। तभी छत गिरने की आवाज़ आयी और अस्पताल परिसर में अफरा तफरी मच गयी। मरीज और उनके परिजन वहाँ से भागने लगे।

डॉक्टर चतुर्वेदी एवं कम्पाउंडर शिवपूजन तिवारी सहित चपरासी राधेश्याम भी भय और दहशत में आ गये। सभी सभी लोग भाग कर सुरक्षित स्थान पर चले गये।

मालूम हो कि सन 1965 में बना यह अस्पताल लगभग 10 वर्षों से जर्जर हो चुका है। इसकी मरम्मत के लिये कई बार जिले के आला अधिकारियों समेत शासन को भी अवगत कराया गया लेकिन इस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। महराजगंज स्थित यह अस्पताल लगभग 40 – 50 गाँवों से जुड़ा है । लेकिन स्थति यह है कि लोग निजी चिकित्सालय से इलाज कराने को मजबूर हैं| कारण अस्पताल खुद शैय्या पर लेटा हुआ है। इतनी बड़ी दुर्घटना होने से बचे लोगों को देखकर स्थानीय नागरिक भी भारी आक्रोश हैं। लोगों का कहना है कि यही हाल रहा तो इस अस्पताल परिसर में अब जानवर भी आने से डरेंगे , मरीजों की कोई बात छोड़िए।

रिपोर्ट- पी. एन. शुक्ल

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