टिकी रह गई नजरें, जब थिरकने लगे नन्हें पांव

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बलिया ब्यूरो : थिरकने लगे नन्हें पांव, किसी की नन्ही उंगलियां हारमोनियम पर स्वर खोजने लगी तो किसी की आड़ी तिरही रेखाये कला की कापियों पर उकेरने लगी और ये सब किसी टीचर की डांट डपट की वजह से नहीं बल्कि स्वतः स्फूर्त खेल-खेल में बच्चे अपनी आंतरिक प्रतिभा को बाहर निकाल रहे है। अवसर है संकल्प के समर कैम्प का।

अमृतपाली स्थित अमृत पब्लिक स्कूल में संकल्प बलिया द्वारा 25 दिवसीय समर कैम्प का आयोजन किया गया। कैम्प के पहले दिन 50 से अधिक बच्चों ने मस्ती के साथ कला के विभिन्न रूपों को आत्मसात किया। संकल्प संस्था से जुडे एक दर्जन से अधिक रंगकर्मी इन बच्चों की आतंरिक प्रतिभा को सिखाने का संकल्प लिया है। ये सारे कलाकार राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके है। संकल्प के सचिव आशीष त्रिवेदी के निर्देशन में संतोष शर्मा, ओमप्रकाश, सोनी, स्मृति निधि, अर्जुन, सुनील शर्मा, संजय मौर्य, अमित, ट्विकंल, अन्नू, बसंत, चंदन भारद्वाज, बच्चों की आतंरिक प्रतिभा, विकसित करने में लगे है। आशीष त्रिवेदी का कहना है कि यह कैम्प बच्चों के लिए किसी सौगात से कम नहीं है, जिसका इंतजार पूरे साल रहता है। पांच वर्ष से 18 वर्ष तक के बच्चे-बच्चियां कैम्प में प्रशिक्षण ले रहे है। कैम्प के समापन पर सभी प्रशिक्षार्थियों को प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र दिया जायेगा और उनके प्रतिभा प्रदर्शन हेतु सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया जायेगा।  

रिपोर्ट – संतोष कुमार शर्मा

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