चीन के पास नहीं ब्रम्होस का तोड़, भारत द्वारा सीमा पर ब्रम्होस की तैनाती पर जता रहा ऐतराज..

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भारत द्वारा अरुणाचल प्रदेश में चीन से जुड़े बॉर्डर वाले इलाकों में भारत द्वारा दुनिया की सबसे तेज मिसाइल ब्रम्होस की तैनाती को लेकर चीन परेशान हो गया है और ऐसे में चीन की झल्लाहट वहां के एक अखबार में छपे लेख के जरिये सामने आई है |

भारत के इस कदम के बाद पहले तो चीन ने भारत चीन सीमा से जुड़े अपने बॉर्डर पर तैनात सैनिकों के प्रोत्साहन के लिए उन्हें सम्मानित किया और अब चीन के अखबार के यह खबर सामने आई है कि भारत के इस कदम के बाद सीमा पर भारत और चीन के बीच प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा |

चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के आधिकारिक पब्लि‍केशन ‘पीएलए डेली’ ने लिखा कि भारत के इस कदम से भारत-चीन सीमा के स्थायित्व पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, और यह कदम चीन को भी जवाबी उपाय करने के लिए प्रेरित करेगा, भारत द्वारा सीमा पर क्रूज मिसाइलों की तैनाती से चीन की रणनीति को गहरा झटका लगा है |

चीन की चिंता का एक कारण यह भी है की चीन के भारत की ब्रम्होस मिसाइल का कोई जवाब नहीं है, चीन के पास मौजूद सबसे एडवांस मिसाइल की गति ब्रन्होस की गति से 3 गुना कम है, ब्रम्होस की प्रति सेकंड 1 किलोमीटर की गति से चलती है जबकि चीन की मिसाइल मात्र 290 मीटर प्रति सेकंड की गति से चलती है, इसके अलावां ब्रम्होस का निशाना भी अचूक है और यह पहाड़ों में छुपे दुश्मनों के बंकरों को भी उड़ा सकती है |

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने पहाड़ों पर युद्ध के लिए विकसित ब्रह्मोस के उन्नत संस्कण से लैस एक नई रेजिमेंट की स्थापना को मंजूरी दी थी, इसकी लागत 4,300 करोड़ रुपये से अधिक होगी, नई रेजिमेंट अरुणाचल प्रदेश में तैनात की जाएगी, जिस पर चीन दावा जताता रहा है, हाल के वर्षों में सीमा पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच नियंत्रण रेखा को लेकर गतिरोध की कई घटनाएं हुई हैं|

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