भारत को महाशक्ति बनाने के पीएम मोदी के प्रयासों से चीन की नींद उड़ी

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नई दिल्ली : प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेत्र्तत्व में महाशक्ति बनने की भारत की कोशिशों से चीन की नींद उड़ी हुई है | इस बात का खुलासा चीन की सरकारी मीडिया में आई खबरों के आने का बाद हुआ है | दरअसल आपको बता दें कि चीन के सरकारी अख़बार द ग्लोबल टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक चीन और भारत के संबंध अभी और जटिल बने रह सकते है क्योंकि भारत महाशक्ति बनना चाहता है और यह चीन के लिए चुनौतीपूर्ण है |

अख़बार में छपी खबर के मुताबिक आपको बता दें कि चीन यह मानता है कि भारत की विदेश नीति प्रधानमंत्री श्री मोदी और उनकी पूरी टीम की राजनैतिक महत्त्वकाक्षा को दर्शाता है | चीन के सरकारी अखबार का दावा है कि भारत महाशक्ति बनने के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेत्रत्व में अमेरिका, जापान, आस्ट्रेलिया सहित अन्य तमाम बड़े देशों के साथ अपने संबंधों के नए युग का आरम्भ कर सकता है | अखबार का मानना है कि मोदी सरकार ऐसा इसीलिए करेगी क्योंकि वह यह चाहते है कि दुनिया के यह बड़े और शक्तिशाली देश उसके समर्थन और अधिक सक्रियता से भाग लें |

चीन को इस बात का भय सता रहा है कि भारत इन बड़ी महाशक्तियों के साथ मिलकर ऐसा न हो कि आगे निकल जाय | यही कारण है कि चीन लगातार भारत के रास्ते में रोड़े अटका रहा है | चीन का मानना है कि भारत बड़ी महाशक्तियों के बीच कूटनैतिक संतुलन बनाने लेकिन उन सब में सबसे ऊपर अमेरिका को प्राथमिकता देने और हर तरफ से अपने सुरक्षा घेरे को मजबूत बनाने तथा दुनिया में अपने और अधिक साझेदार मुल्क तैयार करने तथा भारतीय उत्पादों को पूरी दुनिया में प्रचारित कर बाजारों पर भी कंट्रोल स्थापित करने का है | चीन का मानना है कि यदि भारत ऐसा करने में सफल होता है तो इससे चीन की प्रतिब्यक्ति आय और चीन के बने उत्पादों को बड़े नुकसान का सामना करना पड़ सकता है |

लेख में लिखा गया है कि चीन के नेतृत्व वाले शंघाई सहयोग संगठन ( एससीओ) जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों में शामिल होकर भारत और अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रभाव बढ़ाना चाहता है | इसमें कहा गया है, ‘हालांकि अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा क्षेत्र में अग्रणी शक्ति बनने की प्रक्रिया में भारत के लिए यह समझना बड़ी चुनौती होगी कि पाकिस्तान, चीन और अन्य पड़ोसी देशों के साथ रिश्तों को बेहतर तरीके से कैसे संभाला जाए |

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