बढ़ सकती हैं भारत की मुश्किलें – अब बैलिस्टिक मिसाइल बनाने में भी पाक की मदद करेगा चीन

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पेइचिंग- पाकिस्तान और चीन भारत के लिए लगातार मुश्किलें बढ़ाते ही जा रहे हैं। दरअसल आपको बता दें कि पड़ोसी देश चीन और पाकिस्तान की जुगलबंदी भारत के लिए भारत के लिए एक के बाद एक मुश्किलें बढ़ाते ही जा रहे हैं बता दें कि पाकिस्तान के आर्मी चीफ कमर बाजवा इन दिनों चीन के दौरे पर है और कल उनकी चीन के टॉप सैन्य अधिकारियों के साथ मीटिंग हुई थी। इसी मीटिंग के बाद अब चीन के आधिकारिक समाचार पत्र द ग्लोबल टाइम्स की खबर के मुताबिक चीन ने घोषणा की है कि वह पाकिस्तान को अब बैलिस्टिक, क्रूज, एंटी एयरक्राफ्ट, एंटी शिप मिसाइल, बैटल टैंक आदि के निर्माण में भी सहयोग करेगा।

आतंकवाद के खिलाफ भी दोनों देश मिलकर करेंगे कार्यवाही-
पाक सेना प्रमुख कमर बाजवा के साथ मीटिंग के बाद पाकिस्तानी अधिकारियों की तरफ से घोषणा की गई है कि पाकिस्तान और चीन दोनों मिलकर आतंकवाद के खिलाफ साझा कार्यवाही करेंगे। चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स मैं छपी खबर के अनुसार दोनों ही देश अब आतंकी संगठनों के खिलाफ और अधिक सहयोग बढ़ाएंगे तथा आतंकी संगठनों से लड़ने के लिए एक दूसरे की मदद करेंगे।आपको बता दें कि जिन आतंकी संगठनों पर साझा कार्यवाही की बात चीनी मीडिया ने कही है उन आतंकियों में चीन के अंदर सक्रिय पूर्वी तुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट भी शामिल है।

चीन और पाकिस्तान में है खास दोस्ती-
प्राप्त जानकारी के आधार पर बताया जा रहा है कि गुरुवार को पेइचिंग में पाकिस्तान के सेना प्रमुख कमर बाजवा और चीन की सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी से मुलाकात हुई थी इस बैठक के दौरान ही दोनों देशों के बीच इस बाबत समझौता हुआ है।

चीनी मीडिया में आई खबर के अनुसार चीन के इस तरह के सहयोग के बाद इस्लामाबाद ने चीन को आश्वासन दिया है कि चाइना पाकिस्तान इकनोमिक कॉरिडोर (सीपीईसी) की पूरी सुरक्षा पाकिस्तान करेगा। चीन के रक्षा मंत्रालय की वेबसाइट पर जारी बयान के मुताबिक इसी बैठक के दौरान पाकिस्तानी सेना प्रमुख कमर बाजवा ने कहा है कि, चीन और पाकिस्तान एक दूसरे के लिए बेहद अहम हैं, इन दोनों देशों का रिश्ता बेहद खास है और दोनों ही देशों के हित भी एक समान ही हैं।

सीपीईसी की सुरक्षा में पाकिस्तान ने तैनात किए 15000 जवान-
आपको बता दें कि सीपीईसी की सुरक्षा के लिए पाकिस्तान ने 15000 जवानों की तैनाती की है साथ ही पाकिस्तानी नौसेना ने ग्वादर बंदरगाह की सुरक्षा को और अधिक बढ़ा दिया है।

चीन की सरकारी मीडिया में आई खबरों के अनुसार मंगलवार को एक प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान पाकिस्तान के राजदूत मसूद खालिद ने इस बाबत जानकारी दी है। मसूद खालिद ने कहा है कि सीपीईसी चीन की एक बेहद महत्वपूर्ण परियोजना है और पाकिस्तान इस परियोजना को पूरी तरह से पूर्ण करने में और इसका सुचारू रूप से संचालन करने के लिए चीन का पूर्ण सहयोग करता है। आपको बता दें कि सीपीईसी पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से होकर गुजरने वाला एक आर्थिक गलियारा है और यह पाकिस्तान के विवादित बलूचिस्तान स्थित ग्वादर बंदरगाह से चीन के शिनजियांग प्रांत को जोड़ता है।

भारत के लिए है चिंता का विषय-
बता दें कि पाकिस्तान और चीन की बढ़ती जुगलबंदी भारत के लिए एक बेहद चिंता का विषय है। दोनो ही देश लगातार जिस तरह से एक दूसरे के सहयोग से रक्षा क्षेत्र में आगे बढ़ते जा रहे हैं उस तरह से भारत की मुश्किलें भी बढ़ती जा रही हैं। गौर करने वाली बात यह है कि पाकिस्तान और चीन दोनों के ही साथ भारत का सीमा विवाद जगजाहिर है।

भारत और चीन के बीच तथा भारत और पाकिस्तान के बीच किस तरह के संबंध हैं वह भी दुनिया से छिपा नहीं है ऐसे में जिस तरह से चीन लगातार पाकिस्तान का खुला समर्थन कर रहा है वह भारत के लिए बेहद चिंता का विषय है। ज्ञात हो कि हाल ही में बीजिंग ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के नियमों का उल्लंघन बताते हुए भारत की अग्नि 5 मिसाइल के चौथे चरण के परीक्षण पर रोक लगाने की कोशिश की थी। हालांकि चीन इस मामले में नाकाम रहा था और भारत ने बेहद आराम से अग्नि 5 मिसाइल का परीक्षण कर लिया था। भारत के इसी परीक्षण के बाद से ही लगातार चीन खफा है और अब पाकिस्तान के साथ इस तरह के रक्षा सौदों का ऐलान कर चीन ने अपने इरादे जाहिर कर दिए हैं।

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