सीडोक-2015 – ‘’विविधता का प्रलेखन- संग्रह, सूचीबद्धता, एवं संदर्भ’’ राष्‍ट्रीय संग्रहालय, नई दिल्‍ली में प्रारंभ

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The Secretary, Ministry of Culture, Shri Narendra Kumar Sinha lighting the lamp to inaugurate the CIDOC 2015 annual conference “Documenting Diversity– Collections, Catalogues & Context”, in New Delhi on September 06, 2015.

संस्कृति मंत्रालय में सचिव, श्री एन.के. सिन्हा ने आज (7-9-15) राष्‍ट्रीय संग्रहालय, नयी दिल्ली, में ‘’विविधता का प्रलेखन-संग्रह, सूचीबद्धता एवं संदर्भ’’ विषय पर सीडोक-2015 का उद्घाटन किया। इस वार्षिक सम्‍मेलन का आयोजन प्रलेखन के लिए अंतर्राष्‍ट्रीय समिति आइकॉम द्वारा राष्‍ट्रीय संग्रहालय संस्‍थान कला इतिहास संरक्षण एवं संग्रहालय विज्ञान के सहयोग से 7 से 9 सितम्बर तक किया गया है। दुनिया भर के 42 देशों के 230 से ज्यादा प्रतिभागी 25 सत्रों में 124 पेपर प्रस्तुत करेंगे। इस सम्मेलन में विविधता के प्रलेखन पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिसका उद्देश्‍य विविध सांस्कृतिक धरोहर से संबद्ध सूचना का एकीकरण, मध्यस्थता और आदान-प्रदान करना है। इसके प्रतिभागियों में सीडोक सदस्‍य, सीडोक समुदाय, दुनियाभर के अंतर्राष्‍ट्रीय विद्वान, भारत में एएसआई, एनजीएमए, आईजीएनसीए, एनएमएमएल, एनआरएम जैसे विभिन्‍न सांस्‍कृतिक संस्‍थानों के अध्‍यक्ष और भारत के कोने-कोने के विद्वान शामिल हैं।

सीडोक-2015 वार्षिक सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए श्री एन के सिन्‍हा ने कहा, ‘‘ अपनी अनेक भाषाओं, जातीय समूहों और परम्पराओं, अपने लम्बे इतिहास, भूगोल और पारिस्थिकीय विविधता के साथ, भारत निश्चित रूप से विश्‍व के बेहद वैविध्यपूर्ण देशों में से एक है। आज की दुनिया में, उपयोगकर्ताओं को सूचना की तत्काल पहुंच उपलब्ध कराने के लिए सूचना का प्रबंधन भी साथ-साथ करना पड़ता है। प्रलेखन वह प्रमुख उपकरण है, जिसके माध्यम से सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित किया जा सकता है और उस तक जनता की पहुंच कायम जा सकती है।‘‘

भारत के संग्रहालय और सांस्कृतिक धरोहर संस्थानों के लिए इस धरोहर का अभिलेखन, संरक्षण और उसकी देखरेख एक चुनौतीपूर्ण दायित्व है। सीडोक- 2015 वार्षिक सम्मेलन में इस विविधता के प्रलेखन की राह में आने वाली समस्याओं: प्रथाओं के संग्रह, सूचीबद्ध करने के तरीकों एवं विभिन्न प्रकार के संग्रह के साथ काम करने के लिए आवश्यक प्रासंगिक जानकारी और संग्रहालयों की अभिलेखागार, पुस्तकालयों तथा अन्य सांस्कृतिक संस्थानों के साथ में मिलकर काम करने की जरूरत पर ध्यान केंद्रित किया गया है, ताकि समान लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सके।

सीडोक के अध्यक्ष, डॉ निकोलस क्रॉफ्ट्स ने सम्मेलन के बारे में अपने विचार प्रकट करते हुए कहा, ‘‘यह पहला अवसर है, जब सीडोक की बैठक भारतीय उपमहाद्वीप में हो रही है। मुझे उम्मीद है कि यह हमें अंतर्राष्‍ट्रीय समुदाय की वास्तविक भावना को प्रोत्साहन देने, प्रलेखन से जुडे़ दुनिया भर के प्रोफेशनल्स को एक साथ लाने का अवसर प्रदान करेगी। हम सभी अपने ज्ञान और अनुभव को साझा करके लाभ उठा सकते हैं। मैं भारत में अपने सहकर्मियों से मिलने और उनके कार्य, चिंताओं और समाधानों को समझने के लिए विचारों का आदान-प्रदान करने की प्रतीक्षा कर रहा हूं।‘‘

सीडोक 2015 वार्षिक सम्मेलन का लक्ष्य सूचना प्रबंधन के बारे में संग्रहालयों में विभिन्न भूमिकाओं: प्रलेखन, विकास, डिज़ाइन, मध्यस्थता अथवा प्रबंधन के क्षेत्र में काम करने वाले प्रोफेशनल्स के बीच बातचीत को सुगम बनाना और प्रोत्साहन देना है। वैज्ञानिक एवं सैद्धांतिक योगदानों के अतिरिक्त सम्मेलन का लक्ष्य एक ऐसे मंच के रूप में कार्य करना भी है, जहां प्रतिभागी व्यवहारिक अनुभवों का आदान-प्रदान कर सकें, समस्याएं साझा कर सकें, समाधानों का पता लगा सकें और नयी प्रेरणा की तलाश कर सकें।

राष्‍ट्रीय संग्रहालय संस्‍थान कला इतिहास संरक्षण एवं संग्रहालय विज्ञान के कुलपति, श्री संजीव मित्तल ने कहा, ‘‘ऐसे दौर में जहां अभिलेखों के क्षेत्र में प्रौद्योगिकी में निरंतर कुछ नया हो रहा है, मुझे यकीन है कि यह सम्मेलन अभिलेखन और सर्वेक्षण में भारत की भूमिका निर्धारित करने में महत्वपूर्ण साबित होगा। यह सम्मेलन भारत की समृद्ध एवं वैविध्यपूर्ण संस्कृति और धरोहर के प्रलेखन और संरक्षण के लिए ज्यादा उपयुक्त तकनीके तलाशने की दिशा में एक मंच साबित होगा। ‘‘

इस सम्‍मेलन का लक्ष्‍य विविध स्‍थानीय सूचना स्रोतों को अनुकूल वैश्विक संसाधनों में परिवर्तित करने के लिए आवश्‍यक अर्थ संबंधी परिभाषाएं और स्‍पष्‍टीकरण उपलब्‍ध कराना है।

सीडोक आइकॉम के लिए प्रलेखन हेतु अंतर्राष्‍ट्रीय समिति है। संग्रहालयों की अंतर्राष्‍ट्रीय परिषद आइकॉम वैश्विक संग्रहालय समुदाय का प्रतिनिधित्‍व करने वाले 35,000 हजार सदस्‍यों और संग्रहालय प्रोफेशनल्‍स का अनोखा नेटवर्क है। आइकॉम में विभिन्‍न संग्रहालय विशिष्‍टताओं को समर्पित 30 अंतर्राष्‍ट्रीय समितियां हैं। सीडोक आइकॉम की प्राचीनतम और विशाल समितियों में से एक है। यह संग्रहालय स्रंगहों के प्रलेखन को समर्पित है। सीडोक समिति प्रलेखन, पंजीकरण, संग्रह प्रबंधन और कंप्‍यूटरीकरण में इच्‍छुक अध्‍यक्षों, लाइब्रेरियन और सूचना विशेषज्ञों को एकत्र करती है। सीडोक संग्रहालय समुदाय को संग्रहालय प्रलेखन के बारे में अच्‍छी पद्धतियों और घटनाओं के बारे में परामर्श देती है।

Source – PIB

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