नागरिक उड्डयन मंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय नागरिक हेलीकॉप्टर्स सम्मेलन 2015 का उद्घाटन किया

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The Union Minister for Civil Aviation, Shri Ashok Gajapathi Raju Pusapati releasing the Pawan Hans Coffee table book at the inauguration of the International Civil Helicopters Conclave 2015, in New Delhi on October 16, 2015. 	The Minister of State for Culture (Independent Charge), Tourism (Independent Charge) and Civil Aviation, Dr. Mahesh Sharma, the Secretary, Ministry of Civil Aviation, Shri R.N. Choubey and other dignitaries are also seen.

केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री पी.अशोक गजपति राजू ने आज नई दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय नागरिक हेलीकॉप्टर्स सम्मेलन 2015 का उद्घाटन किया। नागरिक उड्डयन, संस्कृति और पर्यटन (स्वतंत्र प्रभार) राज्य मंत्री डॉ. महेश शर्मा भी इस अवसर पर मौजूद थे। उद्घाटन समारोह में सम्बोधित करते समय श्री राजू ने सभी हितधारकों से सम्पूर्ण नागरिक उड्डयन क्षेत्र, विशेष रूप से देश के हेलीकॉप्टर उद्योग को बढ़ावा देने के लिए नए विचारों के साथ आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नई नागरिक उड्डयन नीति प्रारूप तैयार करने की प्रक्रिया में है। एक बार यह तैयार हो जाए तो इसके बारे मे हितधारकों की प्रतिक्रिया और टिप्पणियां आमंत्रित की जाएगीं ताकि एक जीवन्त और आगे बढ़ने वाली नीति को तैयार किया जा सके। मंत्री महोदय ने यह भी कहा कि उड़ान की सुविधा केवल देश के विशेषाधिकार प्राप्त लोगों तक ही सीमित नहीं होनी चाहिए। हमें ऐसी नीति तैयार करनी चाहिए ताकि उड़ान सस्ती हो सके और आम जनता तक इसकी पहुच हो जाए।

इस अवसर पर बोलते हुए नागरिक उड्डयन, संस्कृति और पर्यटन (स्वतंत्र प्रभार) राज्य मंत्री डॉ. महेश शर्मा ने पूर्वोत्तर और सड़क संपर्क की समस्या से ग्रस्त देश के पहाड़ी क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर सेवाएं बढ़ाए जाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने हेलीकॉप्टरों के सरल आवागमन की सुविधा के लिए दिल्ली और गुवाहाटी में हेलीहब्स बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए नागरिक उड्डयन सचिव श्री आर.एन.चौबे ने कहा कि नई नागरिक उड्डयन नीति का मसौदा तैयार किया जा रहा है। जिसमें हेलीकॉप्टर क्षेत्र की विशेष जरूरतों की पहचान की गई है और इस क्षेत्र के लिए विनियमों का अलग सेट तैयार करने के प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हेलीकॉप्टर क्षेत्र को सरल विनियमों की जरूरत है। नई नागरिक उड्डयन नीति में महानिदेशक नागरिक उड्डयन (डीजीसीए) की नीतियां शामिल हैं जिनमें समग्र सुरक्षा जरूरतों से समझौता किए बगैर ऐसे सरल विनियम शामिल होंगे। उन्होंने आगे कहा कि प्रस्तावित नागरिक उड्डयन नीति में प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाएगा और नीति संबंधी बाधाओं को दूर किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक लोग हवाई यात्रा का आनंद उठा सकें। श्री चौबे ने यह भी बताया कि नई नीति में क्षेत्रीय संपर्क और धार्मिक पर्यटन के लिए हेलीकॉप्टरों का उपयोग करने के बारे में बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्रालय द्वारा इस क्षेत्र के लिए वित्तीय पहल शुरू करने के बारे में प्रयास किय जा रहे हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के साथ सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों की जल्द से जल्द कम लागत में निकासी करने के तरीकों का पता लगाने के लिए भी बातचीत चल रही है। हेलीकॉप्टर यात्रा की सुरक्षा के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने बताया कि गगन उपग्रह से सहायता प्रदत नेविगेशन प्रणालियां का हेलीकॉप्टर की आवाजाही पर प्रभावी निगरानी करने और ट्रैकिंग के लिए उपयोग किया जाएगा। नेविगेशन प्रणालियां अनियंत्रित हवाई क्षेत्र में भी एक मीटर रेज़लूशन (स्थिरता) प्रदान करती हैं।

श्री राजू ने सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली, बहुमिशन उपयोगिता और क्षेत्रीय एयर कनेक्टिविटी पर एक प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया। उन्होंने पवनहंस लिमिटेड पर कॉर्पोरेट लोगो का भी विमोचन किया और इस अवसर पर एक कॉफी टेबल बुक का भी विमोचन किया। यह सम्मेलन पवनहंस लिमिटेड की 30वीं वर्षगाठ पर आयोजित किया गया है। यह तीन तकनीकी सत्रों का एकदिवसीय आयोजन है। डीजीसीए की महानिदेशक श्रीमती एम.सतियावती, आईसीएओ के क्षेत्रीय निदेशक श्री अरूण मिश्रा, पवनहंस लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. बी.पी.शर्मा और मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

Source – PIB

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