स्वच्छ भारत अभियान बना सिर्फ एक दिखावा

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महराजगंज/रायबरेली-: सरकार की महत्वाकांक्षी योजना स्वच्छ भारत अभियान सरकार द्वारा चलायी जा रही है, ग्रामीण क्षेत्र में लोगो के लिए मॉग आधारित एंव जन केंन्द्रित अभियान है, जिसमे लोगो की स्वच्छता सम्बंधी आदतों को बेहतर बनाना, जिससे ग्रामीणों के जीवन स्तर को बेहतर व स्वच्छ बनाया जा सके।

लेकिन खंड विकास महराजगंज व अमावां में इस स्वच्छता अभियान का कोई असर पडता नही दिखाई दे रहा है। स्वच्छ भारत अभियान के तहत झाडू हाथ में पकड कर कर्मचारी, अधिकारी से लेकर सफेद पोस सिर्फ फोटो खिचवाने के लिए सबसे आगे तो आ जाते है उसके बाद अपने घर में जाकर सो जाते है। और अपनी सेवा में उन्हे भी बैठा लेते है जिनको सरकार द्वारा सफाई करने के लिए तैनात किया गया है।

खंड विकास महराजगंज, अमावां में तो इस कदर सफाई कर्मियों की मनमानी चल रही है कि सफाई कर्मचारी भी अपने आपको बाबू से कम नही समझते है| बावन बुजुर्ग बल्ला, सारीपुर, पुरासी,कोटवा मदनिया, चन्दापर, पाराखुर्द, ताजुददीनपुर, बरहुंआ आदि दर्जनों गांवो में गंदगी का अम्बार लगा हुआ है।

ऐसे र्दजनो गांवो के सफाई कर्मी बाबू गीरी करते देखे जाते है लेकिन यह सब खंड विकास महराजगंज व अमांवा में बैठे अधिकारियों की मिली भगत से खेल चल रहा है । कुछ कर्मचारी तो सत्ता की हनक में अपने आपको किसी सत्ताधरी नेता के रिस्तेदार व नजदीकी बताकर अपने आपको किसी विधायक से कम नही समझते है।

जब कि मुख्यमंत्री ने अपने हाथ में झाडू थाम कर समूचे प्रदेश को स्वच्छ बनाने का सपना संजोए बैठे है। लेकिन गांवो के प्रधान से लेकर ब्लाक में बैठे अधिकारी खुद न काम करके इन सफाई कर्मियों से लेखा जोखा करवा रहे है। और स्वच्छ भारत मिशन दम तोडती नजर आ रही है।

इसी का कारण है कि सफाई कर्मी अपने आपको किसी बाबू के कम नही समझ रहे है। सफाई कर्मचारियों को सफाई करना भी पसंद नही है जिससे गांवो में जगह-जगह गंदगी और गंदा पानी फैला रहता है। जिससे संक्रामक बीमारियों ने अपना पाव पसारना शुरू कर दिया है।

क्षेत्र के लोगो में गंदगी को लेकर आक्रोस ब्याप्त है। और लोगों ने कहा कि जल्द ही इस मामले को आलाधिकारियों ने संज्ञान में नही लिया तो इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से की जायेगी।

रिपोर्ट-विनय सिंह चौहान

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