सुदूर गाँवों तक तो पहुँच गए सीएम के बस्ते लेकिन आज भी एक पुल के लिए तरस रहे है बच्चे

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चकलवंशी- मुख्यमंत्री की फोटो लगे बस्ते भले ही कस्बों से लेकर सूदूर गांवो तक पहुंच गये हो लेकिन गामीणो को एक अदद पुल की दस वर्षों से दरकार है वह नहीं मिला, जिसके लिए लोगों ने विभागीय अधिकारियों से लेकर नेताओं की परिक्रमा भी की|

सिर्फ कोरे अश्वाशन के अलावा उन्हें कुछ भी नहीं मिला आज भी बुजुर्ग महिला बच्चे इसी टूटे हुए पुल से निकलने को विवश हैं। जबकि एक दर्जन से अधिक दुर्घटनाए घटित हो चुकी है फिर भी बिभाग कुम्भ करणीय नीद में सोया हुआ है।

आपको बता दें कि, विकास खण्ड मियांगज के गाम सभा बनौनी के मजरा रामपुर कला जो कि शारदा नहर आसीवन ब्रांच के सटा हुआ बसा है यहां के किसानों की खेती योग्य जमीन हो या फिर प्राथमिक विद्यालय अथवा कहीं जाना हो एक मात्र रास्ता नहर के पार से ही जाता है वर्ष 2007 में नहर पर बना हुआ बिट्रिस कालीन पुल आधा गिर कर नहर में समा गया गामीणो ने निकलने के लिए बिजली के पोल रख दिया और उसी से गुजर कर किसान अपनी खेती करने और नौनिहाल बच्चे पढाई करने के लिए टूटे हुए पुल से निकलते हैं|

दो बार यहां के बिधायक रहे सपा बिधायक सुधीर कुमार रावत ने वोट लेने के समय जनता से वादा किया था कि हम इस पुल को बनायेंगे लेकिन दस साल तक बिधायक जी ने कोई खोज खबर नहीं ली वही विभागीय अधिकारी से भी पूर्व प्रधान अनिल कुमार ने कई बार जनता की समस्याओं से अवगत कराया लेकिन सिर्फ झूठी तसल्ली ही मिलती रही यह कैसा पैमाना है बिकास का की लोगो को आज भी एक पुल के लिए दर दर भटकना पड रहा है
रिपोर्ट- अशोक दुबे
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