एक सीमेंट संयंत्र को उत्खनन के लिए जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र को मुख्यमंत्री ने किया निरस्त

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रायपुर : जिले के पेण्ड्रावन जलाशय क्षेत्र में एक सीमेंट संयंत्र को उत्खनन के लिए जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) को राज्य सरकार ने निरस्त कर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने किसानों के व्यापक हित में जल संसाधन विभाग को यह अनापत्ति प्रमाण पत्र तत्काल निरस्त करने का आदेश दिया था। डॉ. सिंह ने कृषि और जल संसाधन मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल से कहा था कि वे आज ही पेण्ड्रावन जाकर किसानों को प्रदेश सरकार के इस निर्णय की जानकारी दें।

श्री अग्रवाल आज रात वहां पहुंचे, उन्होंने पेण्ड्रावन जलाशय के पास स्थित विश्राम गृह में किसानों की बैठक में एनओसी निरस्त करने के राज्य सरकार के निर्णय की घोषणा की। किसानों ने रमन सरकार के इस महत्वपूर्ण निर्णय का स्वागत किया और बैठक में किसान संघर्ष समिति ने अपना आंदोलन समाप्त करने का ऐलान कर दिया। श्री अग्रवाल ने बैठक में कहा कि किसानों के हितों के संरक्षण के लिए राज्य सरकार सजग है। हम सब की मंशा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिए गए लक्ष्य के अनुरूप किसानों की आमदनी आगामी पांच वर्ष में दोगुनी हो जाए। इसके लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। बैठक में धरसीवा क्षेत्र के विधायक श्री देवजी भाई पटेल और आरंग के विधायक श्री नवीन मारकण्डेय भी उपस्थित थे।

कृषि और जल संसाधन मंत्री श्री अग्रवाल ने बैठक में किसानों को बताया कि राज्य सरकार ने पेण्ड्रावन जलाशय की नहर लाईनिंग और नए रेस्ट हाउस निर्माण के लिए 40 करोड़ रूपए मंजूर कर दिए हैं। इसमें से 17 करोड़ रूपए का टेंडर भी हो चुका है और लगभग 20 करोड़ रूपए के टेंडर प्रक्रिया में है। जलाशय क्षेत्र में पर्यटन स्थल भी विकसित किया जाएगा । जल संसाधन मंत्री श्री अग्रवाल ने भी खनन एनओसी निरस्त करने के फैसले के लिए मुख्यमंत्री के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। किसानों ने पेण्ड्रावन जलाशय क्षेत्र में खनन के अनापत्ति प्रमाण पत्र को निरस्त करने के राज्य सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए इसके लिए डॉ. रमन सिंह को धन्यवाद दिया। विधायक श्री देवजी भाई पटेल और श्री नवीन मारकण्डेय ने भी मुख्यमंत्री के प्रति आभार प्रकट किया।

रिपोर्ट–हरदीप छाबड़ा

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