कानून-व्यवस्था चुस्त रखने का सीएम ने दिया टिप्स

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वाराणसी (ब्यूरो) सूबे में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और पुलिस महकमें को अपना इकबाल कायम करने और जनसमस्याओं का निस्तारण पूरी संवेदनशीलता एवं प्राथमिकता के साथ तात्कालिक तरीके से समयबद्वता के साथ किया जाय। उन्होने जनसमस्याओं से संबंधित प्राप्त शिकायती पत्रों का निस्तारण गुण-दोष के आधार पर किये जाने पर जोर देते हुए, निस्तारण में लापरवाही अथवा शिथिलता बरतने वाले विभागीय अधिकारियों की जबाबदेही तय कर कड़ी कार्यवाही किये जाने का भी निर्देश दिया है। इलाहाबाद के फाफामऊ में किसी गरीब व्यक्ति के भूखण्ड को दबंग एवं भूमाफिया द्वारा फर्जी तरीके से रजिस्ट्री करा लिये जाने तथा पीड़ित व्यक्ति द्वारा प्राप्त शिकायत पर कार्यवाही के दौरान जॉच में शिकायत सही होने के बावजूद दबंग व्यक्ति द्वारा न्यायालय से स्थगन आदेश प्राप्त के कारण कोई कार्यवाही अब तक न हो पाने की जानकारी पर मुख्यमंत्री ने न्यायालय के समक्ष सही तथ्य रख कर पैरवी किये जाने हेतु इलाहाबाद के पुलिस प्रशासन को निर्देशित किया तथा जोर देते हुए कहॉ कि अपराधियों में भय नही होगा, तो गरीब न्याय के लिये भटकटा रहेगा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरूवार को वीडियो कान्फ्रेसिंग द्वारा आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त जनशिकायतों के निस्तारण के प्रगति की समीक्षा कर रहे थे।

विकास खंड स्तर पर भी लगे समाधान दिवस
सीएम योगी आदित्यनाथ जन समस्याओं के त्वरित निस्तारण हेतु तहसील एवं थाना पर होने वाले समाधान दिवस की भांति सप्ताह में एक दिन विकास खण्ड स्तर पर भी समाधान दिवस आयोजित किये जाने पर जोर दिया। समीक्षा के दौरान उन्होने 20 जून तक प्रदेश स्तर पर प्राप्त 1127631 शिकायती पत्रों में से 103777, जिसमें 824838 विकास खण्ड/तहसील एवं 302783 पुलिस विभाग शामिल है प्रार्थना पत्रों का सही ढ़ग से निस्तारण न होने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि अभी भी जनसमस्याओं के निस्तारण के प्रति अधिकारियों में संवेदनशीलता नही आया है। उन्होने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश में संवेदनशील एवं पारदर्शी प्रशासन स्थापित करना उनकी मंशा है और इसके लिये आवश्यक है कि जनसमस्याओं का त्वरित निस्तारण हो तथा आम व्यक्ति राहत महसूस करे।

अधिकारी करते काम तो हम तक नही पहुँचती शिकायत
उन्होने अपने जनता दर्शन कार्यक्रम में तहसील, थाना एवं विकास खण्ड स्तर से अधिक समस्यायें आने की बात बताते हुए नाराजगी जतायी तथा जोर देते हुए कहा कि यदि जिला स्तर पर इन जनसमस्याओं का समाधान किया जाता तो शिकायतें उनके तक नही पहुंचती। उन्होने बताया कि उनके जनता दर्शन कार्यक्रम में चकरोड की पैमाइश, अविवादित वरासत दर्ज होने सहित भूमाफियाओं द्वारा सार्वजनिक एवं गरीबों के मकान-भूखण्ड पर कब्जा आदि की ज्यादातर शिकायतें मिलती है। उन्होंने कहा कि 20 जून तक की सभी लम्बित जन शिकायतों को जिलों में युद्वस्तर पर अभियान चलाकर प्रत्येक दशा में 31 जुलाई तक शत-प्रतिशत निस्तारित कर दिये जाय। उन्होने मंडल स्तर पर कमिश्नर एवं आईजी तथा जिला स्तर पर जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षकों को प्रत्येक सप्ताह जन शिकायती पत्र के निस्तारण के प्रगति की समीक्षा किये जाने का निर्देश दिया। उन्होने कहा कि प्रदेश स्तर पर मुख्य सचिव एवं डीजीपी प्रति सप्ताह जनशिकायती पत्रों के निस्तारण की समीक्षा करेगें।

डीएम व पुलिस कप्तान खुद भी करें सत्यापन
उन्होने शिकायती प्रार्थना पत्रों के निस्तारण की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षकों से स्वयं कुछेक निस्तारित प्रार्थना पत्रों का सत्यापन किये जाने का भी निर्देश दिया। जनपद स्तर पर जनशिकायती पत्रों के निस्तारण के बावजूद समय से सूचना लखनऊ के जनशिकायत प्रकोष्ठ में उपलब्ध न कराये जाने पर भी नाराजगी जतायी। उन्होने जनशिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इसमें खानापूर्ति कतई न किया जाय तथा निस्तारण के दौरान अनावश्यक किसी का उत्पीड़न भी न होने पाये। प्रतापगढ़ एवं सुलतानपुर में अनिस्तारित शिकायती पत्रों के निस्तारण की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कतिपय शिकायती पत्रों का जिलाधिकारियों द्वारा निस्तारण कर दिये जाने की जानकारी पर उन्होने वीडियो कान्फ्रेंसिंग द्वारा ही वहा मौजूद शिकायतकर्ताओं से भी वार्ता किया तथा पूछा कि कार्यवाही कब हुआ और क्या वे निस्तारण से संतुष्ट है ? शिकातकर्ताओं ने हॉ में जबाब दिया।

उन्नाव में 1 लाख की लूट बरामद 5 हजार
इस दौरान उन्नाव में 01 लाख की लूट का पर्दाफाश कर 5 हजार नगद सहित एक आरोपी को गिरफ्तार किये जाने की पुलिस अधीक्षक के दावें पर सवाल दागते हुए पूछा कि 01 लाख के बदले जब 5 हजार बरामद किया गया, तो शिकायतकर्ता आखिर कैसें संतुष्ट होगा। मुख्यमंत्री ने यूपी 100 सहित पुलिस की पेट्रोलिंग बढ़ाये जाने का भी निर्देश दिया। उन्होंने बरसात के दौरान सम्भावित बाढ़ की स्थिति से निपटने हेतु जिलाधिकारियों को पूरी तरह तैयार रहने हेतु पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने तथा किसी भी घटना के प्रकरण में बगैर भेदभाव के शत-प्रतिशत एफआईआर दर्ज करने, नामजद दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी के साथ ही विवेचना की कार्यवाही प्राथमिकता पर शीघ्र किये जाने का पुलिस अधिकारियों को कड़ा निर्देश दिया। वाराणसी जनपद में लम्बित 5 शिकायती पत्रों का निस्तारण हो जाने की जानकारी देते हुए जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र ने मुख्यमंत्री के सवाल का जबाब देते हुए बताया कि शिकायती पत्रों का 97 फीसदी निस्तारण हो चुका है। विकास खण्ड हरहुआ के स्तर पर एक शिकायती पत्र के निस्तारण में विलम्ब किये जाने पर जिलाधिकारी ने खण्ड विकास अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि देते हुए भविष्य के लिये कड़ी चेतावनी दिया।

इनकी रही मौजूदगी
वीडियो कान्फ्रेसिंग में कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण, अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी रेंज बी0महापात्रा, आईजी दीपक रतन, जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र एवं एसएसपी रामकृष्ण भारद्वाज आदि लोग प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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