सीएम नीतीश कुमार ने भी इस व्यवस्था को दुरुस्त करने की बात

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बिहार: सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी कहा है कि स्कूलों में पढ़ाई के अलावा एडमिशन से लेकर परीक्षा में प्रैक्टिकल के होम सेंटर बनाये जाने पर भी जांच हो रही है| सारी समस्याओं को दूर करने की लगातार कोशिश चल रही है| उन्होंने कहा कि सच में यह चिंता का विषय है कि आर्ट्स व साइंस के रिजल्ट में काफी गिरावट आयी है| कॉमर्स को छोड़ दिया जाए तो इंटरमीडिएट आर्ट्स और साइंस में लगभग 65 परसेंट बच्चे फेल कर गये| माध्यमिक व उच्च माध्यमिक शिक्षा व्यवस्था पर भी सरकार की बारीक नजर है, पूरे सिस्टम पर जांच की जा रही है|

अभी क्या है व्यवस्था-
अभी तक जिस तरह से स्कूलों व कॉलेज में प्रैक्टिकल होते रहे हैं| उसमें होम सेंटर पर छात्रों को मनमाने अंक दिए जाते हैं| खासकर वित्तरहित वाले स्कूल व कॉलेज के स्टूडेंट्स को अधिक अंक दिए जाते हैं| इसके बदले स्टूडेंट्स से पैसे भी वसूले जाते है| बोर्ड की ओर से आजतक प्रैक्टिकल की व्यवस्था को नहीं देखा जाता था| स्कूलों व कॉलेजों की ओर से प्राप्त अंकों को ही बोर्ड द्वारा जोड़ा जाता था| इसमें अधिक घालमेल होने की वजह से गड़बड़ी होती रही है| लाइव सिटीज ने इस गड़बड़ी के आधार पर स्टूडेंट्स को फर्स्ट क्लास से पास कराने का ठेका लेनेवाले लोगों और कॉलेजों की खबर प्रमुखता से दिखाई थी|

रिपोर्ट- आशुतोष कुमार सिंह 

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