अब खुलेगा सनबीम ग्रुप के चेयरमैन दीपक मधोक का ‘काला चिट्ठा’, सीएम ने दी अधिकारियों को खुली छूट

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वाराणसी (ब्यूरो)- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में जारी भू-माफियाओं की सूची पर अब प्रदेश सरकार की नजरें टेढ़ी हो गई हैं । खासतौर से इस सूची में पहले नंबर पर रहने वाले सनबीम ग्रुप के चेयरमैन दीपक मधोक को लेकर राज्य सरकार सख्त मूड में हैं। सूत्रों के मुताबिक राज्य सरकार की हरी झंडी मिलते ही जिला प्रशासन अब दीपक मधोक के खिलाफ जांच का दायरा बढ़ाने में जुट गया है। इसके तहत दीपक मधोक के खिलाफ शहर के अलग-अलग थानों में दर्ज जमीन से जुड़े लंबित मामलों की विवेचना तेजी से पूरी करने की तैयारी शुरू हो गई है। जिन मामलों में पुर्नविवेचना के नाम पर चार्जशीट वापस भेजी गई है, उसका निस्तारण कर कोर्ट भेजना है। इसके साथ ही जिन मामलों में अभी तक कार्रवाई नहीं हुई है, उसे भी पूरा करने की तैयारी हो चुकी है।

सीएम ने भी दी अधिकारियों को खुली छूट-
दूसरी ओर सीएम योगी आदित्यनाथ ने भूमि माफियाओं को लेकर अपना नजरिया स्पष्ट कर दिया है। बुधवार को उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जो निर्देश दिए उससे साफ है कि दीपक मधोक की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। सीएम योगी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि आदतन रूप से सरकारी भूमि पर कब्जा करने और राजनीतिक संपर्कों का लाभ उठाने वालों पर नकेल कसी जाए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में उन्होंने किसी शख्स का नाम तो नहीं लिया लेकिन वहां मौजूद आला अधिकारी उनका इशारा समझ गए।

जमीन के फर्जीवाड़े को लेकर दीपक मधोक पर दर्ज हैं कई मामले-

सनबीम ग्रुप के चेयरमैन दीपक मधोक यूं ही भू-माफियाओं की सूची में पहले नंबर पर नहीं है। इसके पीछे जमीन से जुड़ा उनका काला इतिहास है, जो आज भी सरकारी दस्तावेजों में दर्ज है। सनबीम ग्रुप के तीन स्कूलों को लेकर दीपक मधोक सबसे ज्यादे विवादों में रहे हैं। इनमें करसड़ा, लहरतारा और सिकरौल स्थित स्कूल हैं। थाने के रोजनामचे से लेकर कोर्ट तक मामले पहुंच चुके हैं। तीन मामलों में उनके खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल होने के लिए भेजी गई, लेकिन उसे पुर्नविवेचना के नाम पर वापस कर दिया गया। बरसो बीत गए लेकिन अभी तक विवेचना पूरी होने का नाम नहीं ले रही है। लेकिन अब सीएम की छूट मिलते ही जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है।

रिपोर्ट- सर्वेश कुमार यादव

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