संयुक्त चिकित्सालय की बेहाली पर सीएमएस के ट्रांस्फर की उठने लगी मांग

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चन्दौली(ब्यूरो)- जिले के चकिया मे बना जिला संयुक्त चिकित्सालय कभी भी जनता के मापदण्ड़ो पर खरा नही उतर सका| शासन द्वारा करोड़ो रुपये के लागत से बनवाया गया यह चिकित्सालय नाम बड़े और दर्शन छोटे वाली कहावत को चरितार्थ कर रहा है।

लोगो के अनुसार जब यह सामुदायिक स्वाथ्य केन्द्र था तब बल्कि ठीक था, क्योकि मरीजो की इतनी उम्मीदें इस स्वाथ्य केन्द्र से नही जुडी थी पर अब कहने को तो यहाँ अच्छा लैंब है, जहां मरीजो को लैब मे बैठे कर्मचारियों के दुर्व्यवहार का सामाना प्रतिदिन करना पड़ता है वही यहा तैनात डाक्टरो द्वारा शासन के आदेश के बाद भी कभी भी बाहर की दवाओं का लिखना बन्द नही हुआ| प्राइवेट प्रेक्टिस तो कोई यहाँ आकर देखे, वार्डो मे तैनात कर्मचारी गम्भीर मरीजो के जिन्दगी के साथ कैसे खिलवाड़ करते है| कोई रात में आवश्यकता पडने पर देख लेे, रात मे इमरजेंसी मे आने वाले मरीजों या दुर्घटना मे घायल हुए लोग आसानी ड्यूटीरत डाक्टर अथवा कर्मचारी को पा जाये तो बडी बात| डाक्टरों के आने के बाद कुछ डाक्टर तो यहाँ ऐसे है जो केवल मरीजो को रेफर करने मे ही बहादुरी समझते है|

इन तमाम चीजों से बेखबर यहाँ के ज़िम्मेदार सीएमएस शाम ढ़लते ही बडी आवश्यकता के बाद भी अपने आवास से नीचे उतरना कभी मुनासिब नही समझते और तो और इनकी मोबाइल भी शाम को अक्सर स्विच आफ आती है। ऐसे में नक्सल क्षेत्र की गरीब जनता जाये तो कहां जाये? कहने को तो यह ब्लाक गृहमंत्री भारत सरकार का गृह ब्लाक है| यहाँ के सांसद विधायक भी भाजपा के है लेकिन किसी का कोई मतलब लोगो को नही मिल पा रहा है| सभी योजनाएं कागज मे ही दफन होकर रह जा रही है। अब तो लोग इन सभी चीजों के लिए जिम्मेदार यहाँ के सीएमएस को मानने लगे है, इसी क्रम में स्वराज अभियान के वरिष्ठ नेता अजय राय ने कहा कि संयुक्त चिकित्सालय की स्थिती में सुधार लाना हो तो शासन यहाँ के सीएमएस का ट्रांस्फर करें क्योकि जितने भी अनैतिक कार्य यहाँ हो रहे है सब की जानकारी होने के बाद भी सीएमएस अब तक यहाँ की स्थिति सुधारने मे असफल रहे है, उन्होंने कहा कि शासन कुछ दिनों मे कार्यवाही नही करता है तो हम इस प्रकरण पर आन्दोलन के लिए बाध्य होगें।

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