दरबार में रोते रोते आते हैं, हँसते हँसते जाते है

0
91


सोनभद्र ( ब्यूरो )-
डाला । कोटा ग्राम पंचायत के टोला गुरमरा में काली मंदिर का निर्माण 2009 में हुआ था । यहाँ हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी चैत नवरात्र में न 9 दिन का कार्यक्रम हुआ सम्पन्न । गुरमुरा के काली माता के मंदिर का देख रेख इसी क्षेत्र की एक सेविका फूलवन्ती देवी करती हैं ।यहाँ पर बहुत ही दूर दूर से लोग मां के दर्शन करने के लिए आते है और अपनी मन की मुरादे पाते हैं ।

चाहे उनपे किसी भी तरह के बाधा , ऊपरी फेर, या कोई भी कष्ट हो वो यहाँ आकर मां के दरबार मे आकर अपनी अर्जी लगाते हैं और ठीक हो जाते हैं और खुशी मन से जाते है । यहाँ के काली मंदिर का नाम इतना इतना प्रसिद्ध है कि गाँव से लोग तो आते ही है परन्तु यहाँ सैकड़ो की संख्या में बाजारों और शहरों से भी लोग यहाँ आते हैं । यहाँ दुर्गाष्टमी के दिन यहाँ एक अजीब सा देखने को मिलता हैं कि किसी के ऊपर भूत, प्रेत ,या किसी प्रकार का बाधा हो दरबार मे आते ही वो अपने आप झूमने लगता हैं और कुछ देर झूमने के बाद वह ठीक भी हो जाता है ।

नवमी के दीन कलश यात्रा निकाला जाता हैं । लोग यहाँ बच्चो का मुंडन करवाते और कथा भी सुनते हैं ,उसके बाद भव्य भन्डारे का आयोजन हर वर्ष की भांति होता है। जब जनपद न्यूज के रिपोर्टर ने यहाँ काली मंदिर की सेविका फूलवन्ती देवी से पूछा तो उन्होंने बताया कि ये सब माता की महिमा हैं मै तो माता की एक तुच्छ सेविका हू ,इन्ही की शक्ति से इतना बड़ा कारज सम्पन्न होता हैं । और यहाँ जो भी सच्चे मन से अपनी फरियाद की अर्जी यहाँ लगता है माता रानी उसकी फरियाद जरूर सुनती हैं और उस भक्त बिल्कुल ठीक कर देती हैं । यहाँ नववें दिन माता का कलश निकाला गया , और माता रानी की कृपा से भंडारा भी सम्पन्न हुआ जय माता दी ।

यहाँ के भक्तों में पूर्व बी डी सी अकबर गोड़, राजाराम गोड़, रामचन्द्र जायसवाल, मनोज पटेल, भगीरथी ,नारायण सेठ , निर्मला तिवारी, लक्ष्मण, रामदुलारे,एवं यहाँ के कथावाचक पंडित विद्याशंकर इत्यादि भक्तगण मौजूद थे ।

रिपोर्ट – ज़मीर अंसारी
हिंदी समाचार- से जुड़े अन्य अपडेट लगातार प्राप्त करने के लिए लाइक करें हमारा फेसबुक पेज और आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं |

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here