सरकारी भूमि खरीदना हो तो इस गांव पधारिये

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महराजगंज/रायबरेली (ब्यूरो) भू राजस्व विभाग व प्रशासन की निष्क्रिय कार्यशैली की चलते भूमाफियाओं पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई के नाम पर योगी सरकार के लाख दावे और प्रयास खोखले साबित होते जा रहे हैं । भले ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जी ने  भूमाफियाओं से निपटने के लिए एंटी भूमाफिया स्क्वायड का गठन किया हो । लेकिन राजस्व कर्मियों की दृष्टि में कोई भी भूमाफिया है ही नहीं । लिहाजा भू-माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि ये सरकारी भूमि को अपनी निजी संपत्ति मान बैठे हैं और ये इस सरकारी भूमि को बेचने से लेकर कई वर्षों से फसल उगाने के लिए बिना किसी कार्यवाही के डर के निरंतर उपयोग करते आ रहे हैं । लेकिन इन मुट्ठी भर भूमाफियाओं पर किसी भी प्रकार की कार्यवाही के नाम पर प्रशासन बौना साबित हो रहा है ।

महाराजगंज कोतवाली क्षेत्र के अशरफाबाद गांव की बात की जाए जो कि सदर तहसील के अंतर्गत आता है तो इस गांव में सरकारी भूमि पर लगभग आधा दर्जन भू-माफियाओं ने कई वर्षों से अपना कब्जा स्थापित कर रखा है । यह भूमाफिया सरकारी भूमि को अपनी निजी संपत्ति मानते हुए जरूरतमंद लोगों को मकान या गौशाला बनवाने के लिए अनुचित रुप से रूपये लेकर बेच रहे हैं । और ये भूमाफिया लोगों को बेची हुई सरकारी जमीन पर निर्माण कराने तक में अपनी भूमिका अदा कर रहे हैं । वहीं इस गांव में कुछ भूमाफियाओं ने तहसील प्रशासन की अनदेखी के चलते कई वर्षों से सरकारी भूमि पर खेती करना भी प्रारंभ कर रखा है । कुल मिलाकर भू माफियाओं द्वारा सरकारी भूमि की जा रही इस लूट के चलते आज इस ग्राम सभा में कोई भी सरकारी भूमि सुरक्षित नहीं है । भू माफियाओं द्वारा इस ग्राम सभा में तालाब ,चकरोड यहां तक कि बंजर भूमि को भी अपने कब्जे में कर लिया गया है । जिसके चलते इस गांव का हर आम जनमानस काफी त्रस्त है लेकिन इन भू-माफियाओं के काफी सरहंग प्रवृत्ति के होने के चलते कोई भी इनके खिलाफ किसी भी प्रकार की शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है । वही प्रशासन इन भू माफियाओं के खिलाफ किसी भी प्रकार की कार्रवाई के लिए किसी शिकायती पत्र के इंतजार में सब कुछ जानते हुए भी हाथ पर हाथ धरे बैठा है ।

रिपोर्ट -विनय सिंह चौहान

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