कहीं सास-बहू तो कहीं पिता-पुत्र में टक्कर

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रायबरेली। वर्तमान निर्वाचन पारिवारिक रिश्तों की खटास का भी गवाह बन रहा है। जिले में कहीं चुनावी मैदान में पिता पुत्र एक दूसरे को चुनौती देते नजर आ रहे है, तो कहीं सास बहू भी एक दूसरे के सामने ताल ठोंक रही है। अपनों को प्रश्रय देने का नजारा भी इस चुनाव में पहली बार नजर आ रहा है।

वर्तमान विधानसभा चुनाव कई मामलों मे नये उदाहरण लेकर सामने आ रहा है। हरचन्दपुर विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के विधायक रहे रामलाल अकेला ने टिकट न मिलने पर पार्टी से बगावत करते हुए रालोद से नामांकन दाखिल किया, जबकि उनके पुत्र विक्रान्त अकेला पहले ही इसी विधानसभा क्षेत्र से नामांकन कर चुके है। हरचन्दपुर विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक रहे शिवगणेश लोधी की मौत के बाद उनकी विरासत का दावा करते हुए बहू कंचन लोधी ने भाजपा के बैनर तले नामांकन किया था। सोमवार को शिवगणेश लोधी की द्वितीय पत्नी गुड़िया लोधी ने भी जस्टिस पार्टी के तले नामांकन कर बहू के खिलाफ चुनावी ताल ठोक दी है। इसी प्रकार सपा विधानसभा क्षेत्र से बाहुबली विधायक रहे अखिलेश सिंह ने स्वयं राजनीति से सन्यास लेते हुए अपनी पुत्री अदिति सिंह को न केवल कांग्रेस के बैनर तले चुनाव मैदान में उतारा, अपितु उसको विजयी बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है।
रिपोर्ट – राजेश यादव

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