खतौनी निकालने के नाम पर हो रहा खेल, एसडीएम से शिकायत

जालौन(ब्यूरो)- योगी सरकार में भले ही भ्रष्टाचार को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा हो, पर यह भ्रष्टाचार है कि खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है। हालत यह है कि उनके ही मातहत सूबे के मुखिया की मंशा को पलीता लगा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला मंगलवार को उरई तहसील में नजर आया। यहां पर खतौनी निकालने मे निर्धारित से अधिक फीस बसूलने पर लोग भडक उठे और उन्होंने इसकी शिकायत एसडीएम से कर दी।

गौरतलब है कि इन दिनों उरई तहसील भ्रष्टाचार का पर्याय बन चुकी है। यहां पर छोटे से लेकर बडे काम तक में हर जगह भ्रष्टाचार फैला हुआ है। हालत यह है कि खतौनी निकालने तक में खेल किया जा रहा है। शासन द्वारा 15 रुपए प्रति खतौनी की दर निर्धारित की गई हैै। जबकि यहां पर 20 से 30 रुपए खतौनी के नाम पर बसूल किए जा रहे हैं।

खतौनी निकलवाने आए एट नविासी संतोष, डकोर निवासी शैलेंद्र, बडागांव निवासी बब्लू, ददरी निवासी गायत्री, बडागांव निवासी लक्ष्मीकांत आदि जब उरई तहसील में खतौनी निकलवाने गए तो उनसे निर्धारित फीस 15 रुपए की जगह 20 से 30 रुपए तक मांगे गए। इससे वह लोग भडक उठे और उन्होंने हंगामा काटना शुरू कर दिया। इसके बाद वह तहसील में ही तहसील दिवस की शिकायतें सुन रहे उपजिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी के पास पहुंच गए और उन्होंने खतौनी के नाम पर हो रहे भ्रष्टाचार की शिकायत की। इस पर एसडीएम ने दोषी के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।

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