देश के एक और राज्य में कमल खिलने के आसार : कांग्रेस को बड़ा झटका

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नई दिल्ली : कर्नाटक विधानसभा चुनाव के अब तक की मतगणना के अऩुसार अब कर्नाटक में भी बीजेपी बहुमत हासिल करती दिख रही है। अभी हाल ही में हुए कुछ राज्यों के चुनावों के बाद अगर अब कर्नाटक में भी बीजेपी अपनी सरकार बनाती है तो बीजेपी का कांग्रेस मुक्त भारत बनाने का सपना दूर नहीं होगा। कर्नाटक चुनाव में मुख्य मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच है। भाजपा अगर बहुमत का आँकड़ा हसिल करने में कामियाब होती है तो बीएस युद्दियुरप्पा कर्नाटक के अगले मुख्यमंत्री होंगे लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए पार्टी किसी दलित चहरे को भी उपमुख्यमंत्री भी बना सकती है। अमित शाह और नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पार्टी की दक्षिण भारत से पहली बढी जीत होगी। कुछ मुद्दों पर असहमती जैसे सरकारी दफ्तरों में हिंदी लागू करने का आदेश, पम्द्रहवें वित्तीय आयोग के टर्म्स आफ रेफरेंस जैसी कई चीजें हैं, जिसने इस जीत में मुश्किलें पैदा की है फिर भी नतीजें बीजेपी की मैजूदा राजनैतिक रणनिती पर उसकी पकड़ को दर्शाती है।

बीजेपी की जीत देखकर लगता है कि यह जीत बीजेपी सरकार के लिए एक बड़ी जीत के रूप में उभरकर सामने आएगी। क्योंकि 1985 से अभी तक कोई भी पार्टी यहां पर दुबारा नहीं जीत पायी है, राजनैतिक रूप से काफी उथल-पुथल भरे इस राज्य में 2004 के बाद सिद्दिरमैया ही एक एसे मुख्यमंत्री हैं जिन्होने अपना कार्यकाल पुरा किया है।

कांग्रेस कर्नाटक में अभी तक सबसे बड़ी पार्टी रही है। कर्नाटक में यदि कांग्रेस की हार होती है तो काग्रेस पार्टी के लिए ये एक बहुत बडा झटका होगा, इस हार का सीधा असर पार्टी की फंड़ बड़ाने की क्षमता पर पड़ेगा क्योंकि उसकी पंजाब को छोडकर अन्य किसी राज्य में निर्वाचित सरकार नहीं है।

एचडी कुमार के नेर्तत्व में जदएस सरकार बनने की भी संभावना है जिसे भजपा या कांग्रेस बाहर से समर्थन दें। इस तरह से 2019 के लाकसभा चुनावों के लिए विपक्षि दलों के महागठबंधन में भी सहायक होगा। भाजपा के सत्ता से दूर रखने के लिए कांग्रेस जदएस के बाहर से समर्थन दे सकती है।

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