कांग्रेस का सदस्यता अभियान बुरी तरह से नाकाम हो रहा है

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congressकांग्रेस के द्वारा चलाया गया सफलता अभियान पूरी तरह से बेअसर रहा है, कांग्रेस को लोगों को पार्टी में जोड़ने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पद रही है, खासकर उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश में लोगों का रुझान पार्टी की तरफ नहीं लग रहा है |

पार्टी का सदस्यता अभियान सोमवार को खत्म होने वाला था लेकिन लोगों की प्रतिक्रिया देखकर पार्टी अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने इसे आगे बढ़ा दिया है और महासचिवों को आदेश दिया है कि वो ब्लाक लेवल तक जाकर कार्यकर्ताओं का जोश बढ़ाएं और ज्यादा से ज्यादा सदस्य बनाने की कोशिश करें |

पार्टी में आंतरिक चुनाव और सदस्यता अभियान का काम देखने वाली सेंट्रल इलेक्शन अथॉरिटी ने फीडबैक दिया है कि सदस्य बनाने के लिए जो फॉर्म भराए जा रहे हैं उनमें प्रक्रियाओं का पालन नहीं हो रहा है। पार्टी के कार्यकर्ता किसी तरह से फॉर्म भरकर दे रहे हैं, न वेरिफिकेशन कर रहे हैं और न ही तस्वीर ले रहे हैं।

कांग्रेस ने पिछले साल अक्टूबर में सदस्यता अभियान की शुरुआत की थी और इसे इस साल 31 मार्च को खत्म किया जाना था। कई राज्यों में लोगों के उदासीन रवैये की वजह से उसे इसे 15 मई तक बढ़ाना पड़ा, जिसे बाद में एक महीने के लिए और बढ़ा दिया गया था। पार्टी के एक नेता ने कहा, ‘हमारे सदस्यता अभियान को गुजरात, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, केरल, तेलंगाना और दक्षिणी राज्यों में बढ़िया रिस्पॉन्स मिला है, लेकिन उत्तरी राज्यों में समस्याएं आ रही हैं।’

उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब में तो कांग्रेस का सदस्यता अभियान कछुए की गति से रेंग भी रहा है, आंध्र प्रदेश में तो यह शुरू भी नहीं हो पाया है। पिछले साल राज्य के बंटवारे के बाद यहां पार्टी संगठन बनाने में भी नाकाम रही है। सदस्यता अभियान से जुड़े एक सीनियर नेता ने कहा, ‘यहां लहर हमारे खिलाफ है और ऐसे में नेता तैयार करना काफी मुश्किल काम है। ज्यादातर महत्वपूर्ण नेता हमारा साथ छोड़ चुके हैं।’

 

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