अभी उद्घाटन भी नहीं हुआ और ढ़हने लगा बस अड्डा

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बांगरमऊ/उन्नाव (ब्यूरो) : न्यायालय के आदेश पर नगर में रोडवेज का बस अड्डा तो बन गया है। किंतु उद्घाटन होने के पूर्व ही निर्माण किया गया बस अड्डा धीरे-धीरे गिरने लगा है। निर्माण कार्य में प्रयोग किए गए घटिया हथकंडे अब सामने आने लगे हैं और बस अड्डे का भवन जगह जगह दीवारों से प्लास्टर छोड़ चुका है ।

बताते चलें कि उच्च न्यायालय के अधिवक्ता फारुख अहमद ने 21 दिसंबर 2011 में उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ में एक जनहित याचिका दायर कर बांगरमऊ नगर में रोडवेज बस अड्डा बनाने की मांग की थी। जिसके तहत जिला अधिकारी ने बस अड्डा बनाने के लिए नगर के पश्चिमी ओर शीतला देवी मंदिर के निकट 18 जनवरी 14 को आवश्यक भूमि उपलब्ध करा दी थी। 20 जनवरी 14 को टेंडर प्रक्रिया पूरी कर बस अड्डा बनाने का काम भी शुरू कर दिया गया था ।निर्माण कार्य पूरे हुए लगभग 1 वर्ष का समय बीत गया किंतु मुख्य मार्ग से बस अड्डे तक कोई मार्ग न होने के कारण आगे की कार्यवाही ठप पड़ी रही। जब न्यायालय की ओर से जिलाधिकारी उन्नाव को निर्देशित किया गया तो उन्होंने बस अड्डे तक डामर युक्त मार्ग बनवा दिया। बस अड्डे पर टिकट खिड़की शौचालय चहारदीवारी आदि का काम पूरा करते हुए बसों के आने जाने के लिए अंदर खड़ंजा मार्ग भी बना दिया गया है ।

बताते हैं कि उक्त निर्माण कार्य पिछली सरकार के ही कार्यकाल में पूरा हो गया था और उसके उद्घाटन की तिथि तय नहीं हो पाई। इसी बीच चुनाव के कार्यक्रम घोषित हो गए तथा उद्घाटन की रास्ता देखते-देखते इरादे से अभी तक रोडवेज बसों का संचालन नहीं शुरू हो सका है। जबकि नगर से दर्जनों बसे प्रतिदिन दिल्ली के लिए प्रस्थान करती हैं ।उधर देखरेख के अभाव में बस अड्डे का निर्माण कार्य भी धीरे धीरे जीर्ण-शीर्ण होता नजर आ रहा है ।

शौचालयों के साथ साथ टिकट घर की दीवारों से प्लास्टर टूट टूट कर गिर रहा है और आवागमन के लिए लगाया गया खडंजा भी उखड़ना शुरू हो गया है। आरोप है कि निर्माण कार्य में घटिया हथकंडे अपनाए गए हैं जिससे संचालन के पहले ही भवन गिरने लगा है और अब तो बस अड्डे की दशा दुर्दशा में बदलने लगी है।

रिपोर्ट – रघुनाथ प्रसाद शास्त्री

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