सहकारी संघ का गोदाम जीर्ण-शीर्ण

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फतेहपुर चौरासी/उन्नाव(ब्यूरो)- फतेहपुर चौरासी में सहकारी संघ का गोदाम जीर्ण-शीर्ण हो गया है। जिसके कारण आए दिन उसका प्लास्टर टूट टूट कर कर्मचारियों पर गिरता रहता है। और वह घायल होते रहते हैं।

एक कर्मचारी तो काम करने लायक ही नहीं रह गया है । भवन में रखा जाने वाला गेहूं बीज भी सीलन लगकर नष्ट हो जाता है। जिसको गरीब किसानों को लेना मजबूरी बना हुआ है ।सब कुछ जानते हुए भी सहकारिता विभाग के उच्च अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं ।

बताते चलें कि विकासखंड फतेहपुर चौरासी नगर में एक सहकारिता विभाग का सहकारी संघ भवन है। जिसके गोदाम में गेहूं का भंडारण कर वर्षों से विकास क्षेत्र के किसानों को सवाई पर गेहूं उधार दिया जाता है। वर्ष के माह नवंबर व दिसंबर में वितरण कर 15 अप्रैल से जून माह तक वापस लिया जाता है । एक कुंतल पर 25 किलो गेहूं किसानों को ब्याज के रुप में देना पड़ता है।

इसका निर्माण वर्ष 1955 में किया गया था 8 अप्रैल 1955 को क्षेत्र के तत्कालीन विधायक लीलाधर अस्थाना ने इस भवन का शिलान्यास किया था और दिनांक 2 नवंबर 1955 को तत्कालीन प्रदेश सरकार के सहकारिता उपमंत्री मंगला प्रसाद ने इस भवन का उद्घाटन किया था। इस कार्यालय में सुपरवाइजर कामदार सहित लगभग आधा दर्जन कर्मचारी और इतने ही पल्लेदार काम करते हैं ।

इस भवन से क्षेत्र के किसानों को उधार गेंहू बीज दिया जाता है।वर्ष के माह नवंबर व् दिसंबर में वितरण कर 15 अप्रैल से जून माह तक दिए गए गेंहू पर सवाई लगाकर वापस लिया जाता है । एक कुंतल पर 25 किलो गेहूं किसानों को ब्याज के रूप में देना पड़ता है ।

इधर कई वर्षों से उक्त भवन जीर्ण-शीर्ण है। दीवारें जगह-जगह चटक गई है और छत का प्लास्टर टूट टूट कर गिरने से उसकी सरिया साफ दिखाई पड़ रही हैं । यहां के कर्मचारीयों को आए दिन परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। और प्लास्टर टूटकर ऊपर गिरने से कर्मचारी घायल भी होते रहते हैं ।

पिछले 2 वर्ष पहले एक पल्लेदार के ऊपर प्लास्टर का इतना बड़ा टुकड़ा टूटकर गिरा था कि वह अब काम करने लायक ही नहीं रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि पानी टपकते रहने से गेहू में सीलन आ जाती है, बोरियां नष्ट हो जाती है। और उक्त बीज भी बोने लायक नहीं रहता है ।

किंतु गरीब किसान मजबूरी बस उक्त गेहूं लेने के लिए विवश रहता है । गत वर्ष इस स्टोर में 1224 बोरी गेहूं 612 कुंतल भरा गया था जो इस वर्ष बढ़कर लगभग 1500 हो जाएगा। जर्जर भवन होने के बावजूद भी सहकारिता विभाग के अधिकारी आते हैं। किंतु उनका भवन के ऊपर कोई ध्यान नहीं जाता है।

स्टोर के इंचार्ज व सहायक विकास अधिकारी सहकारिता रणवीर सिंह ने बताया की भवन की स्थिति के बारे में सभी उच्च अधिकारियों को जानकारी है। किंतु इसके जीर्ण शीर्ण भवन के लिए उनके स्तर से सिर्फ पत्र ही लिखा जा सकता है।और जो हमने कर दिया है। विभाग भवन नहीं बनवा रहा है। इस पर हम कुछ नहीं बोल सकते हैँ।

रिपोर्ट-रघुनाथ प्रसाद

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