आरा जिले में फ़ैल रहा भ्रष्टाचारियों का कारोबार

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बिहार(राज्य ब्यूरो)- लूट सके तो लूट तुम भी लूटो हम भी लूटे… जी हाँ ये कहावत हमारे नगर निगम आरा पर है| जिसमें निम्न रुप से सरकारी पैसों को लूटने की प्रकिरया चालू है| विभाग द्वारा करोड़ों का विभागीय कार्य कराया जा रहा है, जबकि सरकार का स्पष्ट निर्देश है की विभागीय कार्य सिर्फ प्रकीर्तीक आपदा या त्योहार पर ही करना है और वो भी 7 लाख तक ही | अब भला विभाग के निर्देश को हमारे निगम प्रशासक क्यों माने ?

‘जब सइआ भईल कोतवाल अब डर काहे को’ सबसे बड़ी बात ये है की कार्य भी कुछ ही वार्ड में कराया जा रहा है जहाँ पर सरकारी राशि को गमन किया जा सके|  वसै कार्य को विभागीय कहा जा रहा है जहाँ पर पहले से किसी विभाग से योजना पूर्ण किया जा चुका है और उस कार्य में सम्बन्धित पार्षद संवेदक के साथ पार्टनर हो जाते है ताकि आसानी से सरकारी रुपये को पचाया जा सके| काम इतनी जल्दी समाप्त होता है कि अब क्या कहा जाये ? काम शुरू नहीं mb बुक| पैसे निकासी पहले… चूँकि चुनाव का अवसर है और कहीं साहब का ट्रान्स्फर न हो जाये और गलती से कहीं वीरेंद्र कुमार जैसे नगर आयुक्त न आ जायें| जहाँ लुटना है वहाँ 2 दिन में कार्य समाप्त| जहाँ कार्य करना है वहाँ 2 साल में भी कार्य पूर्ण नहीं होता है क्यूंकि वहाँ कार्य करना है|

वहीँ सरकार का निर्देश है कि सभी वार्ड में विकाश की राशि समान जानी चाहिय लेकिन किसी वार्ड में एक लाख भी नहीं और किसी वार्ड में करोडो करोडो! सभी वार्ड में जाये कैसे लूटने में जो नहीं बनेगा| सब सोये है क्योंकि सब जिंदा लाश जो ठहरे और नहीं तो जो मुँह खोलने का प्रयास करता है उसे धमकी मिलना शुरू हो जाती है| किसको अपनी जान प्यारी नहीं? कौन इनकी साजिश का शिकार बनना चाहेगा? जब ये लोग स्थानीय mla को बोर्ड की बैठक में बुला कर आपना साजिश का शिकार बना सकते है तो हम और आप क्या चीज़ है? मुख्यमंत्री के सपने को तार-तार किया जा रहा है| सात निष्चय पूर्ण करने के लिये जहाँ मुख्यमंत्री और उनके सिपाही रात दिन एक कर रहे है वही नगर निगम आरा उनका सात कर्म कर रहा है|

उदाहरण स्वरूप- डोर to डोर पाइप बिछा कर स्लम बस्ती तक पानी पहुँचना था| 1 साल बीतने के बाद भी संवेदक द्वरा आज तक पूर्ण नही किया गया| अब ये कार्य क्यों पूर्ण करें इसमें इन्हे लूटने को नहीं मिल रहा है| जहाँ मिला वहाँ कार्य पूर्ण दिखा दिया गया जब कि जमीनी हकीकत और है| अब इन पर करवाई क्यों होगा ये साधारण आदमी थोड़े न है ये कोतवाल के सम्बन्धी जो ठहरे| अब क्या मुख्यमंत्री को आना पड़ेगा आरा आपना सात निश्चय को पूरा करने हेतु| धन्य है नगर निगम आरा…..!

रिपोर्ट- रमा शंकर
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