सड़क निर्माण में पाई गई अनियमितताएं, आयुक्त ने की कार्यवाही


लखनऊ ब्यूरो- लखनऊ निवासी श्री मो0 वसीम खां ने सूचना अधिकार अधिनियम-2005 के तहत मुख्य अभियन्ता, ग्रामीण अभियंत्रण सेवा, लखनऊ को आवेदन-पत्र देकर जानकारी चाही थी कि श्रीदत्त गंज गुमड़ी मार्ग (चपई खुर्द तक लिंक मार्ग) का निर्माण पूर्व में कराया जा चुका था, जिसमें कहीं-कहीं गड्ढ़े बन गये थे जिसके पुननिर्माण का कार्य अधिशासी अभियन्ता ग्रामीण सेवा प्रखण्ड, बलरामपुर द्वारा किया जाना था। प्रखण्ड, बलरामपुर द्वारा मार्ग में पत्थर की गिट्टी बिछाकर बगैर कुटाई के छोड देना गम्भीर अनियमितता है, यदि कुटाई हेतु धनराशि उपलब्ध नहीं थी, तो पत्थर की गिट्टी बिछाना ही नहीं चाहिए, वर्तमान में गिट्टियां अपने स्थान से बिखर गयी है, और कार्य बन्द कर दिया गया है। मार्ग का रखरखाव किसके द्वारा किया जाता है एवं निर्माण हेतु कितनी धनराशि स्वीकृत की गयी है, कितना व्यय हुआ, कितनी धनराशि शेष बची है। उक्त के सम्बन्ध में निरीक्षण के उपरान्त मार्ग को तत्काल सुधार कराया जाना आवश्यक है, जबकि शिकायत प्राप्त होने के बाद भी उस पर कोई कार्यवाही नहीं की गयी है और न ही मार्ग का नियमानुसार निरीक्षण किया गया, यदि निरीक्षण किया गया, तो किस अधिकारी द्वारा किया गया और दोषी पाये गये अधिकारियों/कर्मचारियों के खिलाफ अब तक क्या कार्यवाही की गयी है आदि से सम्बन्धित बिन्दुओं की प्रमाणित छायाप्रतियाॅ उपलब्ध करायी जाये, मगर इस सम्बन्ध में विभाग द्वारा वादी को कोई जानकारी नहीं दी गयी है। अधिनियम के तहत कोई जानकारी न मिलने पर वादी ने राज्य सूचना आयोग में अपील दाखिल कर प्रकरण की विस्तृत जानकारी चाही है।

राज्य सूचना आयुक्त श्री हाफिज उस्मान ने मुख्य अभियन्ता, ग्रामीण अभियन्त्रण सेवा, लखनऊ को सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 की धारा 20 (1) के तहत नोटिस जारी कर आदेशित किया कि वादी के प्रार्थना-पत्र की सभी सूचनाएं वादी को अगले 30 दिन के अन्दर उपलब्ध कराते हुए, मा0 आयोग को अवगत कराये, अन्यथा जनसूचना अधिकारी स्पष्टीकरण देंगे कि वादी को सूचना क्यों नहीं दी गयी है, क्यों न उनके विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही की जाये।

मुख्य अभियंता, ग्रामीण अभियंत्रण सेवा, लखनऊ से श्री गुलाम अब्बास प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित हुए। उनके द्वारा मा0 आयोग को बताया गया कि जनपद बलरामपुर में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग द्वारा श्रीदत्त-गोमडी से चवई खुर्द तक लिंग मार्ग के निर्माण में पायी गयी अनियमितता के फलस्वरूप मुख्य प्राविधिक परीक्षक, तकनीकी सम्परीक्षा प्रकोष्ठ, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, लघु सिंचाई एवं भूगर्भ जल विभाग, उ0प्र0 शासन, लखनऊ द्वारा की गयी जांच अख्या में परिलक्षित शासकीय क्षति रू0 7,48,672.00 (रू0 सात लाख, अठ्तालिस हजार, छः सौ बहत्तर) के लिए प्रथम दृष्टया दोषी पाये जाने पर (श्री ए0के0 सक्सेना अधिशासी अभियन्ता, श्री विपिन कुमार अवर अभियन्ता, श्री ए0के0 राय, सहायक अभियन्ता) ग्रामीण अभियंत्रण विभाग प्रखण्ड, बलरामपुर को तत्काल प्रभाव से निलम्बित करते हुए, उनके विरूद्ध उ0प्र0 सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली-1999 के नियम-7 एवं श्री अभिमन्यु सिंह तत्कालीन सहायक अभियन्ता (सम्प्रति सेवानिवृत्त) प्रखण्ड, बलरामपुर के विरूद्ध सी0एस0आर0 के अनुच्छेद-351 ए के अन्तर्गत सभी के विरूद्ध अनुशासनिक कार्यवाही संस्थित करते हुए, प्रकरण की जांच हेतु अधीक्षण अभियन्ता, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग परिमण्डल, लखनऊ को नामित किया जाता है। साथ ही इस सिलसिले में प्रशासनिक अधिकारी द्वारा प्रकरण से सम्बन्धित आख्या प्रस्तुत करने के लिए 30 दिन का समय मांगा है, तद्नुसार समय दिया गया है, प्रशासनिक अधिकारी को निदेर्शित किया गया है कि वह दिनांक 04.09.2017 को मामले से सम्बन्धित सभी अभिलेख मा0 आयोग के समक्ष प्रस्तुत करें, जिससे प्रकरण में अन्तिम निर्णय लिया जा सके।

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