जाको राखे साईयां मार सके ना कोय

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बहराइच (ब्यूरो)- “एक ने तुझको जन्म दिया और एक ने तुझको पाला” गीत की यह पंक्तिया कुछ भी कह रही हो लेकिन झाड़ी में फेकी गयी एक क्रूर माँ की बच्ची को शिव देवी ने पाल कर इस गीत की पंक्तियों को यथार्थ में बदल दिया।

शनिवार को पयागपुर थाना क्षेत्र में मानवता को शर्मशार करने वाला और मानवता को गौरवांन्वित करने वाला उदाहरण एक साथ मिला। बात है पयागपुर थानांतर्गत ग्राम रुकनापुर की जहाँ शनिवार तड़के शौच के लिए कुछ ग्रामीण खेतो की ओर जा रहे थे, अचानक पास के गन्ने के खेतों से ग्रामीणों को किसी नवजात के रोने की आवाज सुनाई दी। ग्रामीणों ने खेत में जाकर देखा तो एक नवजात बच्ची कपड़े में लिपटी दिखाई दी ।

ग्रामीणों ने बताया कि बच्ची के शरीर से सैकड़ो चीटियां चिपकी हुई थी। रोने छटपटाने के कारण उसके मुंह और शरीर पर मिट्टी चिपकी हुई थी। बात गांव में फ़ैल गयी, तरह-तरह की चर्चाएं भी होने लगी। लोग जन्म देकर त्याग देने वाले माता पिता को कोश रहे थे। इसी बीच गांव के एक दंपत्ति ने बच्ची को पालने की इच्छा जताई । ग्रामीणों ने आपसी विचार विमर्श के बाद उस बेजुबान बेसहारा नन्ही जान को शिव देवी पत्नी राघवेंद्र प्रताप सिंह को सौप दिया। बच्ची के नए माँ बाप शनिवार को ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्वास्थ्य परीक्षण कराने ले गए। जहाँ उसे पूंर्ण स्वस्थ घोषित कर दिया गया। इलाके में राघवेंद्र दंपत्ति की चर्चा हो रही है।

रिपोर्ट – राकेश मौर्या

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