कोर्ट ने चुनाव आयोग और डीयू को स्मृति ईरानी के शैक्षणिक दस्तावेज पेश करने का आदेश दिया |

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The Union Minister for Human Resource Development, Smt. Smriti Irani addressing at the launch of the National Web Portal for Apprenticeship Training Scheme, implemented by the Ministry of Human Resource Development through Boards of Apprenticeship/Practical Training, in New Delhi on September 10, 2015.

दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को चुनाव आयोग और दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) को निर्देश दिया कि वे केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी की शैक्षणिक योग्यता के दस्तावेज अदालत में पेश करें। स्मृति के खिलाफ एक शिकायत दर्ज है जिसमें आरोप लगाया गया है कि उन्होंने चुनाव आयोग को दिए अपने हलफनामे में शैक्षणिक योग्यता के बारे में गलत जानकारी दी।

मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट आकाश जैन ने शिकायतकर्ता की वह अर्जी मंजूर कर ली जिसमें चुनाव आयोग और डीयू के अधिकारियों को यह निर्देश देने की मांग की गई है कि वे स्मृति की शैक्षणिक योग्यता से जुड़े दस्तावेज अदालत में पेश करें।

अदालत ने कहा, ‘अर्जी में जिन आधारों का जिक्र किया गया है, उनके मद्देनजर चुनाव आयोग और दिल्ली यूनिवर्सिटी के अधिकारियों को दस्तावेज पेश करने के निर्देश देने की अर्जी मंजूर की जाती है।’ बहरहाल, अदालत ने शिकायतकर्ता अहमर खान की यह दलील खारिज कर दी जिसमें सीबीएसई को निर्देश देने की मांग की गई थी कि वह स्मृति के 10वीं कक्षा और 12वीं कक्षा के रिकॉर्ड पेश करे।

अदालत ने कहा, ‘10वीं कक्षा और 12वीं कक्षा के रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश सीबीएसई को देने की अर्जी नकारी जाती है क्योंकि इसे चुनौती नहीं दी गई है। समन जारी करने से पहले के प्रमाणों के परीक्षण के लिए 16 मार्च 2016 की तारीख तय करें।

दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को चुनाव आयोग और दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) को निर्देश दिया कि वे केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी की शैक्षणिक योग्यता के दस्तावेज अदालत में पेश करें। स्मृति के खिलाफ एक शिकायत दर्ज है जिसमें आरोप लगाया गया है कि उन्होंने चुनाव आयोग को दिए अपने हलफनामे में शैक्षणिक योग्यता के बारे में गलत जानकारी दी।

मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट आकाश जैन ने शिकायतकर्ता की वह अर्जी मंजूर कर ली जिसमें चुनाव आयोग और डीयू के अधिकारियों को यह निर्देश देने की मांग की गई है कि वे स्मृति की शैक्षणिक योग्यता से जुड़े दस्तावेज अदालत में पेश करें।

अदालत ने कहा, ‘अर्जी में जिन आधारों का जिक्र किया गया है, उनके मद्देनजर चुनाव आयोग और दिल्ली यूनिवर्सिटी के अधिकारियों को दस्तावेज पेश करने के निर्देश देने की अर्जी मंजूर की जाती है।’ बहरहाल, अदालत ने शिकायतकर्ता अहमर खान की यह दलील खारिज कर दी जिसमें सीबीएसई को निर्देश देने की मांग की गई थी कि वह स्मृति के 10वीं कक्षा और 12वीं कक्षा के रिकॉर्ड पेश करे।

अदालत ने कहा, ‘10वीं कक्षा और 12वीं कक्षा के रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश सीबीएसई को देने की अर्जी नकारी जाती है क्योंकि इसे चुनौती नहीं दी गई है। समन जारी करने से पहले के प्रमाणों के परीक्षण के लिए 16 मार्च 2016 की तारीख तय करें।

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