हत्या के आरोप में कोर्ट ने पांच लोगो को दोषी ठहराया

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सुल्तानपुर (ब्यरो)- रास्ते के विवाद को लेकर हुए हत्या के प्रयास के मामले में एडीजे चतुर्थ विनय कुमार सिंह की अदालत ने पति-पत्नी समेत एक ही परिवार के पांच सदस्यों को दोषी करार दिया है। अदालत ने सभी आरोपियों को दस-दस वर्ष के सश्रम कारावास एवं पांच-पांच हजार रूपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई है।

मामला जामो थानाक्षेत्र के सरमे गांव का है। जहां के रहने वाले रामशंकर ओझा व साहब बख्श शुक्ल के परिवार के बीच काफी दिनों से रास्ते का विवाद चल रहा था। आरोप के मुताबिक साहबबख्श पक्ष ने रास्ते पर दीवार बनाकर अतिक्रमण कर लिया था।

जिसे हटवाने के लिए रामशंकर ने जिलाधिकारी से शिकायत की थी। जिनके निर्देश पर 17 जनवरी 2011 को एसडीएम व सीओ पुलिस बल के साथ अतिक्रमण हटवाने गए हुए थे। जहां पहुंचने पर अधिकारियों के निर्देश पर रामशंकर ओझा दीवार गिराने के लिए मजदूर बुलाने जा रहे थे।

इसी दौरान आरोपीगण सगे भाई राकेश कुमार, अखिलेश कुमार सुतगण साहब बख्श शुक्ल व उनकी मां जनकदुलारी, राकेश की पत्नी कुसुमलता एवं राकेश के भाई उमेश की पत्नी लीलावती उर्फ नीलम अपने छत से अभियोगी रामशंकर को जान से मारने की नियत से ईंट, गुम्मे से हमला किया।

जिससे उसे गंभीर चोटें आई और आरोप के मुताबिक इन्हीं चोटों से अभियोगी के एक आंख की रोशनी भी चली गई। इस घटना के संबंध में अभियोगी की तहरीर पर सभी आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास, बलबा समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।

मामले में विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष के शासकीय अधिवक्ता रमेश चन्द्र मिश्र व वीरेन्द्र श्रीवास्तव ने आठ गवाहों को परीक्षित कराया। वहीं बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने एक गवाह को परीक्षित कराया। फिलहाल अभियोगी हमले में आई चोटों की वजह से ही अपने आंख की रोशनी जाने के आरोप को साबित करने में असफल रहा।

दोनों पक्षों को सुनने के पश्चात अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ विनय कुमार सिंह ने सभी आरोपियों को दोषी करार दिया। शासकीय अधिवक्ता ने मामले में आरोपी सगे भाईयों के अलावा तीनों महिलाओं की भी मुख्य भूमिका बताते हुए उन्हें कठोर सजा से दण्डित किए जाने की मांग की।

तत्पश्चात अदालत ने सभी को दस-दस वर्ष के सश्रम कारावास एवं पांच-पांच हजार रूपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई। अदालत ने जुर्माने की राशि में से 50 प्रतिशत धनराशि अभियोगी को दिलाये जाने के संबंध में आदेश पारित किया है।

रिपोर्ट-संतोष यादव

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