ह्त्या के प्रयास के मामले में एक कोर्ट ने ठहराया दोषी, सबूतों के आभाव में 3 बरी

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सुलतानपुर – पुरानी रंजिश को लेकर हुए हत्या के प्रयास के मामले में एक आरोपी को अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ की अदालत ने दोषसिद्ध ठहराया है। जबकि तीन सह आरोपियों को साक्ष्य के आभाव में बरी कर दिया है। न्यायाधीश विनय कुमार सिंह ने दोषसिद्ध आरोपी को जेल से न लाने की वजह से सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए आगामी 16 फरवरी की तिथि नियत की है।

आपको बता दें कि, मामला लंभुआ थाना क्षेत्र के जमखुरी गांव का है। जहां के रहने वाले छंगूराम ने 10 सितम्बर 2006 की रात करीब एक बजे हुई घटना का जिक्र करते हुए मुकदमा दर्ज कराया। आरोप के मुताबिक वादी घटना के समय अपने छप्पर के नीचे सो रहा था, इसी दौरान पुरानी रंजिश को लेकर गांव के ही रामचेत, रामविशाल, रामअजोर व रामअवध असलहों से लैस होकर आये और रामचेत के ललकारने पर रामविशाल ने वादी को गोली मार दी।

गोली वादी के बाएं पैर में लगी। इस मामले का विचारण अपर जिला जज चतुर्थ की अदालत में चल रहा था। जिस पर सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के शासकीय अधिवक्ता रमेश चन्द्र सिंह ने पांच गवाहों एवं अन्य साक्ष्यों को पेश किया। वहीं बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने एक गवाह को पेश किया। दोनों पक्षों को सुनने के पश्चात न्यायाधीश विनय कुमार सिंह ने आरोपी राम विशाल को हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में दोषी करार दिया है। जबकि शेष तीनों आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य पर्याप्त न होने के चलते दोषमुक्त कर दिया है।

मंगलवार को दोषसिद्ध आरोपी राम विशाल जो कि जिला कारागार में निरूद्ध है उसे कोर्ट के समक्ष नहीं पेश किया जा सका। जिसके चलते अदालत ने जिला कारागार अधीक्षक को उसे आगामी 16 फरवरी को पेश करने के संबंध में आदेश पारित करते हुए उसी दिन सजा के बिन्दु पर सुनवाई की तिथि तय की है।

रिपोर्ट- दीपक मिश्रा

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