11 छात्र छात्राअेां की जमानत अर्जी ख़ारिज कर कोर्ट ने भेजा जेल

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लखनऊ ब्यूरो : लखनऊ एसीजेएम सुनील कुमार ने योगी आदित्यनाथ के काफिले का रास्ता रोकने और उन्हें काला झंडा दिखाने के आरेाप में निरुद्ध लखनऊ विश्वविद्यालय के 11 छात्र छात्राअेां की जमानत अर्जी शुक्रवार को खारिज कर दी कोर्ट ने सभी को गुरूवार को न्यायिक हिरासत में लेकर 14 दिन के लिए जेल भेज दिया था। इस बीच छात्राओं की ओर से दाखिल जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए कोर्ट ने शुक्रवार की तारीख नियत की थी। कोर्ट ने पुलिस से मामले की विवेचना की पूरी केस डायरी भी तलब की थी |

कोर्ट ने कहा अभि‍युक्त जमानत के हकदार नहीं हसनगंज पुलिस ने कोर्ट के आदेश के अनुपालन में केस डायरी पेश की कोर्ट ने केस डायरी केा पढ़ने के बाद पाया कि मामला गंभीर प्रकृति का है, लिहाजा अभियुक्तगण जमानत के हकदार नहीं हैं विभिन्न राजनीतिक दलों के संगठनों से जुड़े ये छात्र छात्राएं प्रदेश में कथित रूप से गिरती कानून और व्यवस्था की स्थिति पर विरेाध जता रहे थे इनमें दो छात्रात्रों व 9 छात्र हैं |

क्या है पूरा मामला 7 जून को लखनऊ यूनिवर्सिटी के गेट पर सपा छात्रसभा और आईसा के सदस्यों ने योगी आदित्यनाथ को काले झंडे दिखाए थे शासन ने इसे सुरक्षा में बड़ी चूक मानते हुए 14 छात्रों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है। साथ ही एक सब इन्स्पेक्टर सहित 6 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। सपा सूत्रों की मानें, तो सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को प्रदर्शन के बारे में कोई जानकारी नहीं थी अख‍िलेश यादव की नजर में हिट होने के लिए किया हंगामा सपा सूत्रों का कहना है, समाजवादी छात्रसभा के सदस्यों ने अखिलेश यादव की नजर में आने के लिए यह प्रदर्शन किया। अखिलेश को इस प्रदर्शन के बारे में जानकारी नहीं थी। लेकिन अब सपा छात्र नेताओं के समर्थन में है योगी के ऊपर आतंकी खतरा भी है, इसको देखते हुए शासन ने इसे सुरक्षा में बड़ी चूक माना है दरअसल काले झंडे दिखाते दिखाते छात्र नेता सीएम की गाड़ी तक आ पहुंचे थे अब पुलिस प्रशासन चूक कहां हुई, इसके कारण ढूंढ़ने में लगा है। बता दें, हाल ही में गृह मंत्रालय ने आतंकी खतरे को देखते हुए योगी आदित्यनाथ की सुरक्षा बढ़ाई थी

रिपोर्ट – मिंटू शर्मा

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