गुणवत्ता व नवाचार का समावेश व्यावहारिक एवं सार्थक बनाता है: सुभाष चंद्र

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बछरावाँ/रायबरेली(ब्यूरो)- शैक्षिक अनुसंधान में गुणवत्ता एवं नवाचार का समावेश शिक्षक शिक्षा को और अधिक व्यवहरिक और सार्थक बनायेगा। उक्त विचार छत्रपति साहू जी महराज विश्व विद्यालय कानपुर के डीन फैक्ल्टी आॅफ एण्ड़वांस स्टडीज इन शोशल सांइन्स प्रोफेसर सुभाषचन्द्र अग्रवाल नें दयानन्द पीजी कालेज बछरावाँ के शिक्षक शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित एक दिवसीय शिक्षा गोष्ठी में व्यक्त किये।

कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि द्वारा सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन से हुआ। छात्राओं नें वीणा वन्दना एवं स्वागत गीत प्रस्तुत किये। महाविद्यालय के प्रशिक्षु विद्यार्थियों खचा-खचा भरे सेमीनार हाॅल में विषय प्रयर्तन करने हुए एमड़ी प्रभारी डॉ. प्रमोद बाजपेई नें द्विवर्षीय पाठ्यक्रम के प्रभावी होने की उपयोगिता पर प्रकाश ड़ाला है। प्राचार्य डॉ. रामनरेश नें प्रो. अग्रवाल की शैक्षिक उपलब्धियों की चर्चा करते हुए आभार प्रर्दशन विभाग के निदेशक डाॅ. आर.डी. शर्मा ने किया। संगोष्ठि में मुख्य अतिथि से शिक्षकों एवं छात्र छात्राओं नें पाठ्यक्रम से सम्बन्धिम अनेक प्रश्न किये। और मुख्य अतिथि द्वारा छात्र व छात्राओं के प्रश्नों को सारगर्भित समाधान किये गये। श्री अग्रवाल नें भविष्य में उन्हें पाठ्यक्रम समोवेषित किये जानें की सहमति जताई। कार्यक्रम का संचालन डॉ. एसपी गुप्ता द्वारा किया गया।

रिपोर्ट- राजेश यादव 

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